UP Politics: शिक्षक दिवस पर BJP को घेरेगी सपा, बंद स्कूलों के बाहर होगा बड़ा कार्यक्रम

उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों को लेकर सियासत तेज हो गई है। शिक्षक दिवस से समाजवादी छात्र सभा 5 से 11 सितंबर तक छात्र, नौजवान एवं PDA जागरूकता अभियान चलाएगी। ‘पाठशाला पुकारे’ के तहत बंद प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों के बाहर शिक्षक सम्मान कार्यक्रम होंगे। साथ ही पेपर लीक, फीस, रोजगार और आरक्षण जैसे मुद्दे भी उठाए जाएंगे।

UP Politics

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 4, 2026

UP Politics: उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों को लेकर सियासी घमासान तेज होता नजर आ रहा है। समाजवादी पार्टी अब शिक्षक दिवस को मुद्दा बनाकर भाजपा सरकार पर निशाना साधने की तैयारी में है। समाजवादी छात्र सभा की ओर से 5 सितंबर से 11 सितंबर तक ‘छात्र, नौजवान एवं PDA जागरूकता अभियान’ चलाया जाएगा। इस दौरान शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति है।

यूपी में बंद सरकारी स्कूलों पर सपा का ‘पाठशाला पुकारे’ अभियान

समाजवादी छात्र सभा इस अभियान के तहत ‘पाठशाला पुकारे’ कार्यक्रम चलाएगी। इसके जरिए प्रदेश में बंद किए गए प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों को लेकर गांव-गांव तक मुद्दा पहुंचाने की तैयारी है। शिक्षक दिवस के मौके पर ऐसे स्कूलों के बाहर शिक्षक सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पार्टी का कहना है कि इन कार्यक्रमों के जरिए ग्रामीण इलाकों की शिक्षा व्यवस्था और बंद स्कूलों से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

सरकारी स्कूलों को लेकर भाजपा सरकार पर सपा का हमला

समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा के मुताबिक, भाजपा सरकार के कार्यकाल में बड़ी संख्या में प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल बंद किए गए हैं। अब छात्र सभा इसी मुद्दे को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जाएगी। संगठन के जिला अध्यक्षों और स्थानीय पदाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में बंद स्कूलों को चिन्हित करने की जिम्मेदारी दी गई है।

पार्टी की कोशिश है कि बंद स्कूलों का मुद्दा केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित न रहे, बल्कि इसे स्थानीय स्तर पर लोगों और अभिभावकों के बीच भी उठाया जाए। इसके लिए कार्यकर्ताओं को गांवों में सक्रिय रहने और स्थानीय लोगों से संवाद करने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षक दिवस पर बंद स्कूलों के बाहर होगा सम्मान समारोह

5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्र सम्मेलन और शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही जिन प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों को बंद किया गया है, उनके परिसर के बाहर उपलब्ध नजदीकी स्थान पर भी शिक्षक दिवस मनाया जाएगा।

इन कार्यक्रमों में समाजवादी छात्र सभा के स्थानीय पदाधिकारी, कार्यकर्ता और गांव के लोग शामिल होंगे। सपा का उद्देश्य इन आयोजनों के जरिए बंद पड़े सरकारी स्कूलों और ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाना है।

गांवों में शिक्षा व्यवस्था बनेगी सपा के अभियान का मुद्दा

समाजवादी छात्र सभा का यह अभियान केवल शिक्षक दिवस तक सीमित नहीं रहेगा। 5 से 11 सितंबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम में छात्रों, युवाओं और PDA वर्ग से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता दी जाएगी। संगठन अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए छात्रों से सीधे संवाद करने और उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश करेगा।

हर दिन अलग कार्यक्रम के जरिए छात्रों और युवाओं से संपर्क

7 सितंबर को PDA वृक्षारोपण और पर्चा वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 8 सितंबर को विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में शिविर लगाकर छात्रों से संपर्क किया जाएगा। 9 सितंबर को छात्र-छात्राओं से सुझाव लिए जाएंगे और उनकी समस्याओं को सुना जाएगा। इस दौरान उनसे संकल्प पत्र भी भरवाए जाएंगे। 10 सितंबर को छात्र-छात्राओं और युवाओं की राजनीति में भूमिका को लेकर संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। वहीं 11 सितंबर को मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान किया जाएगा। इसी कार्यक्रम के साथ समाजवादी छात्र सभा के छात्र, नौजवान एवं PDA जागरूकता अभियान का समापन होगा।

पेपर लीक, फीस बढ़ोतरी और रोजगार भी होंगे बड़े मुद्दे

सपा ने अपने अभियान का दायरा केवल बंद सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं रखा है। छात्र सभा की ओर से पेपर लीक, समान कोर्स, फीस वृद्धि, रोजगार और आरक्षण जैसे मुद्दों को भी अभियान में शामिल किया गया है। इसके अलावा विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में नियुक्तियों में कथित भ्रष्टाचार तथा आरक्षण में पारदर्शिता का मुद्दा भी उठाया जाएगा।

पार्टी मुफ्त पढ़ाई, रोस्टर प्रणाली, छात्रों को डिजिटल डिवाइस उपलब्ध कराने, पुस्तकालयों की स्थिति सुधारने और नए विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों के निर्माण जैसे मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में है।

2027 से पहले शिक्षा के मुद्दे पर सियासी जमीन तैयार

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों ने अपने-अपने सामाजिक और जनसरोकार वाले मुद्दों पर सक्रियता बढ़ा दी है। समाजवादी छात्र सभा का यह अभियान भी इसी राजनीतिक माहौल में अहम माना जा रहा है। बंद सरकारी स्कूलों से लेकर पेपर लीक, फीस, रोजगार और आरक्षण तक कई मुद्दों को एक साथ उठाकर सपा छात्रों और युवाओं के बीच अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

अब देखना होगा कि 5 से 11 सितंबर तक चलने वाला यह अभियान शिक्षा के मुद्दे को कितना बड़ा राजनीतिक सवाल बनाता है और भाजपा की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।