Punjab News: सरकार के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन तेज, चंडीगढ़ बॉर्डर पर निकाला मार्च

चंडीगढ़ बॉर्डर पर पंजाब के किसानों का शक्ति प्रदर्शन, मांगों को लेकर सड़क पर मार्च। किसानों ने 7 सितंबर तक मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

सितम्बर 4, 2026

Punjab News: पंजाब के किसानों ने शुक्रवार को चंडीगढ़ सीमा पर चल रहे किसान मोर्चे के दौरान जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। विभिन्न किसान संगठनों से जुड़े किसानों ने मोर्चा स्थल पर सड़क के दोनों तरफ मार्च निकालकर अपनी एकजुटता और ताकत का प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

चंडीगढ़ बॉर्डर पर पिछले कई दिनों से पंजाब के किसान डेरा डाले हुए हैं। करीब 32 किसान जत्थेबंदियों से जुड़े किसानों ने एक सितंबर से यहां पड़ाव शुरू किया था। किसान संगठनों की ओर से फिलहाल यह मोर्चा 7 सितंबर तक चलाने का ऐलान किया गया है। हालांकि नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित अवधि तक सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन को आगे बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है।

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सरकार पर अनदेखी का आरोप

किसान नेताओं का आरोप है कि आंदोलन शुरू होने के बावजूद राज्य और केंद्र सरकार की ओर से उनकी मांगों को लेकर अभी तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। किसान नेता हरविंदर सिंह लखोवाल ने इससे पहले कहा था कि कई दिनों से किसान मोर्चा लगाकर बैठे हैं, लेकिन सरकार की तरफ से अब तक कोई ऐसा कदम नहीं उठाया गया है जिससे बातचीत या समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।

उन्होंने कहा कि किसानों में सरकार के रवैये को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। किसान संगठनों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं और सरकार को उनकी समस्याओं का गंभीरता से समाधान करना चाहिए।

दोपहर तक कार्रवाई नहीं हुई तो आगे के संघर्ष का ऐलान

किसान नेताओं ने शुक्रवार को सरकार को लेकर अपनी रणनीति भी स्पष्ट की थी। उनका कहना था कि यदि दोपहर 2 बजे तक किसानों की मांगों के संबंध में सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो शाम 5 बजे के बाद आंदोलन के अगले चरण का ऐलान किया जा सकता है।

हरविंदर सिंह लखोवाल ने किसानों से संघर्ष के लिए तैयार रहने की अपील की थी। उनके बयान के बाद मोर्चा स्थल पर किसानों की गतिविधियां और तेज हो गईं। शुक्रवार को निकाले गए मार्च को भी आंदोलन के अगले चरण की तैयारी और किसान एकता के प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।

7 सितंबर के बाद बढ़ सकता है आंदोलन

फिलहाल किसान संगठनों ने मोर्चे की समयसीमा 7 सितंबर तक तय की है। हालांकि नेताओं का कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक फैसला नहीं लेती है तो आंदोलन की अवधि बढ़ाई जा सकती है। किसानों का कहना है कि उनका संघर्ष केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

मोर्चा स्थल पर मौजूद किसानों में सरकार के प्रति नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। किसानों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर एकजुट हैं और जब तक उन्हें समाधान की दिशा में ठोस आश्वासन या कार्रवाई नहीं मिलती, तब तक पीछे हटने का सवाल नहीं है।

शुक्रवार को चंडीगढ़ बॉर्डर पर हुआ शक्ति प्रदर्शन इसी बढ़ते असंतोष और किसान संगठनों की एकजुटता का संकेत माना जा रहा है। अब सबकी नजर सरकार की अगली कार्रवाई और किसान संगठनों द्वारा 7 सितंबर के बाद तय की जाने वाली रणनीति पर है।

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