UP Election 2027: ओवैसी ने अखिलेश को दिया गठबंधन ऑफर, तेजस्वी जैसा हाल होने की चेतावनी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले असदुद्दीन ओवैसी ने अखिलेश यादव के सामने गठबंधन का प्रस्ताव रखकर सियासत गरमा दी है। ओवैसी ने बराबरी के आधार पर साथ आने की बात कही और बिहार के चुनावी नतीजों का हवाला देते हुए चेतावनी दी। अब सवाल है कि अखिलेश इस प्रस्ताव को स्वीकार करेंगे या नहीं।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 28, 2026

UP Election 2027 : उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मुस्लिम वोटों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए गठबंधन का प्रस्ताव रखा है। ओवैसी ने कहा कि अभी समय है और अगर अखिलेश यादव चाहें तो उनके साथ राजनीतिक गठबंधन कर सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा नहीं हुआ तो उत्तर प्रदेश में उनका राजनीतिक हाल बिहार में तेजस्वी यादव जैसा हो सकता है।

ओवैसी ने अखिलेश यादव पर लगाए गंभीर आरोप

असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में मुसलमानों से जुड़े मुद्दों को लेकर बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों पर निशाना साधा। उनका आरोप है कि राज्य में मुसलमानों के साथ हुए कथित अन्याय के लिए दोनों दल जिम्मेदार हैं। ओवैसी ने कहा कि कुछ नेता खुद को मुस्लिम वोटों का प्रतिनिधि या ठेकेदार मानते हैं, लेकिन जब मुस्लिम समुदाय के अधिकारों की बात आती है तो वे खुलकर आवाज नहीं उठाते।

‘मुस्लिम वोट के ठेकेदार’ वाले बयान पर बढ़ा विवाद

ओवैसी ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल और नेता केवल चुनाव के दौरान मुस्लिम समुदाय के समर्थन की बात करते हैं। उनका आरोप है कि ये नेता सार्वजनिक मंचों पर बीजेपी का विरोध करते हैं, लेकिन नीतियों और विचारधारा के स्तर पर उनमें ज्यादा अंतर नहीं है। ओवैसी ने मुस्लिम मतदाताओं से ऐसे नेताओं के राजनीतिक रवैये को समझने की अपील की।

अखिलेश और राहुल पर भी ओवैसी का हमला

इससे पहले बुधवार को ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में मुस्लिम नेतृत्व तैयार करने की जरूरत पर जोर दिया था। कांग्रेस की ओर से उनकी इस पहल को बीजेपी को राजनीतिक फायदा पहुंचाने वाली कोशिश बताया गया था। इसके बाद गुरुवार को ओवैसी ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों पर पलटवार किया। उन्होंने अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर मुस्लिम समुदाय को लेकर केवल राजनीतिक दिखावा करने का आरोप लगाया।

‘मुसलमानों का अपना नेतृत्व नहीं चाहतीं पार्टियां’

ओवैसी ने दावा किया कि अखिलेश यादव और राहुल गांधी की पार्टियां मुस्लिम समुदाय के बीच स्वतंत्र नेतृत्व उभरने नहीं देना चाहतीं। उनके मुताबिक, मुस्लिम समाज को केवल चुनावी समर्थन के रूप में देखने के बजाय राजनीतिक प्रतिनिधित्व में भी उचित भागीदारी मिलनी चाहिए। ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में मुस्लिम नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में काम करेगी।

बिहार चुनाव का उदाहरण देकर अखिलेश को चेताया

AIMIM प्रमुख ने अपने बयान में बिहार चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां उनकी पार्टी ने पांच सीटों की मांग की थी, लेकिन उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। ओवैसी का आरोप है कि इसके बजाय उन्हें रोकने के लिए विपक्षी दलों की ओर से रणनीति बनाई गई और मुस्लिम सांसदों को उनके खिलाफ प्रचार में उतारा गया।

‘अभी भी वक्त है, गठबंधन कर लें’

ओवैसी ने अखिलेश यादव को सीधे गठबंधन का प्रस्ताव देते हुए कहा कि अभी भी समय बाकी है। अगर समाजवादी पार्टी उनके साथ गठबंधन करती है तो दोनों दल मिलकर चुनावी रणनीति तैयार कर सकते हैं। लेकिन यदि ऐसा नहीं हुआ तो उन्होंने अखिलेश यादव के लिए बिहार में तेजस्वी यादव जैसी राजनीतिक स्थिति बनने की चेतावनी दी।

2027 में होगा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव

उत्तर प्रदेश विधानसभा के मौजूदा 18वें सदन का कार्यकाल वर्ष 2027 में पूरा होना है। इसी वजह से राज्य में अगले विधानसभा चुनाव फरवरी से मार्च 2027 के बीच होने की संभावना जताई जा रही है। चुनाव की आधिकारिक तारीखों की घोषणा निर्वाचन आयोग की ओर से की जाएगी। चुनाव से पहले राज्य में राजनीतिक दलों के बीच गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।

403 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 202 सीटें जरूरी

उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक विधानसभा सीटों वाला राज्य है। यहां विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को बहुमत के लिए कम से कम 202 सीटों की आवश्यकता होती है। ऐसे में मुस्लिम मतदाताओं के साथ-साथ अन्य सामाजिक समूहों का समर्थन हासिल करना सभी प्रमुख दलों की चुनावी रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

चुनाव से पहले गठबंधन की राजनीति पर बढ़ेगा फोकस

ओवैसी के ताजा बयान से उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में गठबंधन को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। मुस्लिम वोटों पर दावेदारी, नए नेतृत्व की मांग और विपक्षी दलों के बीच संभावित तालमेल आने वाले महीनों में अहम राजनीतिक मुद्दे बन सकते हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दल ओवैसी के गठबंधन प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाते हैं।

Read More :  Rahul Gandhi Manusmriti Controversy: शंकराचार्य की चेतावनी, माफी नहीं तो कांग्रेस के बहिष्कार का अभियान