UP Diwas 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को उत्तर प्रदेश में ‘एक जनपद–एक व्यंजन’ (One District One Cuisine – ODOC) योजना की औपचारिक शुरुआत की। यह पहल राज्य सरकार की पहले से सफल ‘एक जिला–एक उत्पाद’ (ODOP) योजना की तर्ज पर शुरू की गई है। नई योजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के हर जिले के पारंपरिक और विशिष्ट खान-पान को पहचान दिलाना और उन्हें संगठित तरीके से आगे बढ़ाना है।
उत्तर प्रदेश दिवस पर हुआ शुभारंभ
ओडीओसी योजना का शुभारंभ उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर लखनऊ स्थित राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान किया गया। इस मौके पर राज्य की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक पहचान को संरक्षित करने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि उत्तर प्रदेश की विविधता केवल उत्पादों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके व्यंजन भी राज्य की सांस्कृतिक आत्मा का अहम हिस्सा हैं।अधिकारियों ने बताया कि ODOP योजना के जरिए उत्तर प्रदेश के कई पारंपरिक उत्पादों को न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी पहचान मिली है। इसी सफलता से प्रेरित होकर अब सरकार ने खाद्य संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ODOC योजना शुरू की है। इससे राज्य के स्थानीय व्यंजन भी ब्रांड के रूप में उभर सकेंगे और पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी।
पारंपरिक व्यंजनों और रेसिपी को मिलेगा मंच
ODOC योजना का मुख्य उद्देश्य जिले-विशिष्ट व्यंजनों, पारंपरिक मिठाइयों और पुरानी रेसिपी को संरक्षित करना और उन्हें बढ़ावा देना है। इसके तहत हर जिले के एक खास व्यंजन को चिन्हित किया जाएगा, जिसे उस जिले की पहचान के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इससे धीरे-धीरे ये व्यंजन बड़े बाजारों तक पहुंच सकेंगे और वैश्विक स्तर पर भी लोकप्रिय हो सकते हैं।सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस योजना से पारंपरिक हलवाइयों, छोटे खाद्य उद्यमियों और स्थानीय कारीगरों को सीधा लाभ मिलेगा। उनके उत्पादों को बेहतर पैकेजिंग, मार्केटिंग और ब्रांडिंग का अवसर मिलेगा। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी, बल्कि जमीनी स्तर पर रोजगार और स्थायी आजीविका के नए अवसर भी पैदा होंगे।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
ODOC योजना से खाद्य पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जिस तरह लोग किसी क्षेत्र के प्रसिद्ध उत्पादों के लिए वहां जाते हैं, उसी तरह अब खास व्यंजनों के लिए भी जिले आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। इससे होटल, रेस्तरां, परिवहन और स्थानीय बाजारों को भी फायदा होगा, जिससे जिले की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने ODOC योजना को उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।










