
Dhanteras 2026: उत्तर प्रदेश में इस बार धनतेरस पर बाजारों में जमकर खरीदारी हुई। महंगाई और बढ़ती कीमतों के बावजूद लोगों ने त्योहार की खुशियों में कोई कमी नहीं छोड़ी। सुबह से ही बाजारों में ग्राहकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। जैसे-जैसे दिन चढ़ा, वैसे-वैसे दुकानों पर भीड़ बढ़ती चली गई। ज्वेलरी शोरूम, बर्तन की दुकानें, इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार और वाहन एजेंसियों पर देर रात तक खरीदारों की आवाजाही बनी रही।
व्यापारिक संगठनों के शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, इस बार धनतेरस पर पूरे उत्तर प्रदेश में करीब 27 हजार करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। पिछले साल के मुकाबले बाजारों में बेहतर खरीदारी देखने को मिली। महीने की शुरुआत में वेतन मिलने का भी कारोबारियों को फायदा मिला। नौकरीपेशा लोगों ने भी कपड़ों, इलेक्ट्रॉनिक्स, गहनों और घर की जरूरतों के सामान पर जमकर पैसा खर्च किया।
सोना-चांदी की खरीदारी में बरसा पैसा
धनतेरस पर सबसे ज्यादा चमक सर्राफा बाजार में देखने को मिली। सोने और चांदी की बढ़ती कीमतों के बावजूद लोगों का इन कीमती धातुओं के प्रति आकर्षण कम नहीं हुआ। किसी ने सोने के आभूषण खरीदे तो किसी ने चांदी के सिक्के और दूसरी चीजों की खरीदारी की।
अनुमान के मुताबिक, प्रदेश में करीब 7,600 करोड़ रुपये का सोना और 2,200 करोड़ रुपये की चांदी बिकी। यानी सिर्फ सोने-चांदी का कारोबार लगभग 9,800 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। लखनऊ के चौक सराफा बाजार समेत प्रदेश के बड़े शहरों के ज्वेलरी बाजारों में देर रात तक रौनक बनी रही।
इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर कपड़ों तक, इन बाजारों में भी हुई जमकर बिक्री
धनतेरस पर सिर्फ सर्राफा बाजार ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, बर्तन और सजावटी सामान की दुकानों पर भी खूब खरीदारी हुई। लोगों ने दिवाली के लिए टीवी, फ्रिज, घरेलू उपकरण, रेडीमेड कपड़े, गिफ्ट आइटम और घर सजाने का सामान खरीदा।
व्यापारिक संगठनों के शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, अलग-अलग बाजारों में बिक्री का आंकड़ा कुछ इस तरह रहा।
धनतेरस पर यूपी में किस बाजार में कितने करोड़ का कारोबार हुआ?
| कारोबार का क्षेत्र | अनुमानित बिक्री |
|---|---|
| इलेक्ट्रॉनिक्स | ₹4,400 करोड़ |
| उपहार व डेकोरेशन | ₹4,100 करोड़ |
| रेडीमेड कपड़े व वस्त्र | ₹2,400 करोड़ |
| सजावटी बिजली के सामान | ₹2,200 करोड़ |
| बर्तन बाजार | ₹1,100 करोड़ |
| ओपीडी उत्पाद | ₹900 करोड़ |
| अन्य उत्पाद | ₹700 करोड़ |
| ऑटोमोबाइल | ₹1,500 करोड़ |
इन आंकड़ों से साफ है कि इस बार त्योहार पर लोगों ने घर की सजावट से लेकर जरूरत और शौक की चीजों तक पर खुलकर खर्च किया।
धनतेरस पर 3,600 कारें और 49 हजार दोपहिया वाहन बिके
धनतेरस के मौके पर वाहन बाजार में भी खूब रौनक रही। शुभ मुहूर्त में नई गाड़ी घर लाने के लिए लोगों ने पहले से ही बुकिंग करा रखी थी। ऑटोमोबाइल कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक, प्रदेश में 3,600 से ज्यादा कारें और 49 हजार से अधिक दोपहिया वाहन बिके।
सुबह से ही शोरूम में ग्राहकों की भीड़ लगी रही और देर रात तक गाड़ियों की डिलीवरी होती रही। पेट्रोल और इलेक्ट्रिक दोनों तरह के दोपहिया वाहनों की मांग देखने को मिली। ग्राहकों को अपनी ओर खींचने के लिए कंपनियों और डीलरों ने भी कई तरह के ऑफर दिए।
मिठाई और खानपान के कारोबार में भी आई तेजी
धनतेरस के साथ दिवाली की तैयारियों का असर मिठाई और खानपान के कारोबार पर भी दिखाई दिया। मिठाई, नमकीन और स्नैक्स की दुकानों पर ग्राहकों की अच्छी भीड़ रही। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक, मिठाई और खाद्य पदार्थों की बिक्री 1,300 करोड़ रुपये के पार पहुंचने की उम्मीद है। त्योहार को देखते हुए दुकानदारों ने पहले से ही अतिरिक्त सामान का इंतजाम कर लिया था।
वेतन मिलने का भी बाजार को मिला फायदा
इस बार धनतेरस महीने के शुरुआती दिनों में पड़ा, जिससे नौकरीपेशा लोगों को वेतन मिलने के बाद खरीदारी करने का मौका मिल गया। लोगों ने घर के सामान, कपड़े, गहने और दिवाली की सजावट पर जमकर खर्च किया।
कुल मिलाकर महंगाई के बावजूद धनतेरस पर उत्तर प्रदेश के बाजारों में खरीदारों का उत्साह कम नहीं हुआ। सोना-चांदी से लेकर कार, बाइक और मिठाई तक हर बाजार में अच्छी बिक्री हुई। शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि इस बार धनतेरस ने प्रदेश के कारोबारियों के चेहरे पर भी खूब मुस्कान ला दी।











