UP News: उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक राजधानी वाराणसी में सूबे के नवनियुक्त पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण के औचक आगमन से पूरे महकमे में भारी हलचल मच गई है। कार्यभार संभालने के बाद बनारस पहुंचे पुलिस प्रमुख ने पुलिस लाइन के मुख्य सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक और बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने बनारस कमिश्नरेट की कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण का पूरा हिसाब-किताब लिया।
डीजीपी ने जमीन पर तैनात थाना प्रभारियों और आला अफसरों से सीधा जमीनी फीडबैक लिया और उन्हें कड़े शब्दों में हिदायत दी कि जन सुरक्षा और बुनियादी पुलिसिंग के ढर्रे में किसी भी प्रकार की शिथिलता या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मैराथन बैठक का सबसे बड़ा और सख्त संदेश उन अपराधियों और मनबढ़ तत्वों के लिए था, जो इंटरनेट की आभासी दुनिया का दुरुपयोग कर समाज में अपनी धौंस जमाना चाहते हैं।
‘डिजिटल दबंगों’ और सोशल मीडिया माफियाओं पर कसेगा शिकंजा
बताते चले कि, प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने सोशल मीडिया के जरिए आम जनता में खौफ पैदा करने वाले तथाकथित ‘डिजिटल दबंगों’ को बेहद आक्रामक और सख्त लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने साफ किया कि अब उत्तर प्रदेश पुलिस की पैनी नजर सिर्फ सड़कों और चौराहों पर ही नहीं, बल्कि फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी चौबीसों घंटे बनी हुई है।
अगर कोई भी अराजक तत्व इंटरनेट पर अवैध हथियार लहराकर, भड़काऊ पोस्ट लिखकर, रील बनाकर या मोहल्ला स्तर पर दहशत का माहौल बनाने का प्रयास करेगा, तो पुलिस बिना कोई वक्त गंवाए सीधे उसके घर पर दबिश देगी। इसके लिए यूपी पुलिस की हाईटेक सर्विलांस विंग और साइबर क्राइम टीमें पूरी तरह मुस्तैद कर दी गई हैं। वर्तमान में हर उस संदिग्ध और भड़काऊ अकाउंट की बारीकी से डिजिटल स्क्रूटनी की जा रही है, जो अमन-चैन के लिए खतरा बन सकता है या युवा पीढ़ी को अपराध के दलदल में धकेल रहा है।
यूपी में सीएम योगी की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति रहेगी बरकरार
आपको बता दे कि, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस प्रमुख ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह नीति विजन को पूरी मुस्तैदी से दोहराया। उन्होंने रेखांकित किया कि सूबे के भीतर पिछले आठ-नौ वर्षों से कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अपराध और खूंखार अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहनशीलता) की नीति पर काम किया जा रहा है। इसी कड़े मार्ग दर्शन और पारदर्शी कार्यप्रणाली के चलते उत्तर प्रदेश पुलिस आज कानून व्यवस्था के मोर्चे पर पूरे देश में एक रोल मॉडल बनकर उभरी है। डीजीपी ने आधिकारिक पुलिस आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि अपराधियों पर कड़े विधिक कदमों और मुस्तैद गश्त (पेट्रोलिंग) की वजह से पूरे राज्य में लगभग हर कटेगरी के संगीन और बड़े अपराधों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने साफ किया कि इस नीति में भविष्य में भी कोई ढील नहीं दी जाएगी और बड़े माफियाओं से लेकर गली-मोहल्ले के बदमाशों तक का मुकम्मल सफाया जारी रहेगा।
जनप्रतिनिधियों के साथ जनसमस्याओं पर मंथन
बताते चले कि, अपने इस संक्षिप्त मगर बेहद प्रभावी दौरे के दौरान डीजीपी ने न केवल पुलिस अधिकारियों के पेच कसे, बल्कि वाराणसी कमिश्नरेट के सम्मानित जनप्रतिनिधियों (विधायकों और सांसदों) के साथ भी एक बेहद खास समन्वय बैठक की। इस महत्वपूर्ण मुलाकात में बनारस जिले और कमिश्नरेट स्तर की स्थानीय नागरिक समस्याओं पर बिंदुवार चर्चा हुई, साथ ही पुलिस मुख्यालय स्तर से जुड़ी बड़ी प्रशासनिक नीतियों पर स्थानीय राजनेताओं के अहम सुझाव भी लिए गए। डीजीपी राजीव कृष्ण ने आश्वस्त किया कि पीड़ित जनता की शिकायतों का तत्काल निस्तारण करना और पुलिस-पब्लिक के बीच के आपसी तालमेल व रिश्ते को और अधिक पारदर्शी बनाना ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस हाई-प्रोफाइल दौरे और डीजीपी की कड़क हिदायत के बाद पूरा वाराणसी पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।










