Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दान को लेकर सामने आए कथित गबन के आरोपों पर उत्तर प्रदेश की राजनीति में जबरदस्त उबाल आ गया है। इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) लगातार बेहद आक्रामक और हमलावर रुख अपनाए हुए है। विपक्ष के इन तीखे हमलों और चौतरफा घेरेबंदी के बीच, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने इस विवाद पर अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा बयान दिया है।
अयोध्या मंदिर दान चोरी के सवालों पर बुरी तरह उखड़े डिप्टी सीएम ने विपक्ष को दोटूक जवाब देते हुए कहा कि जब सरकार ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है, तो फिर एसआईटी की जांच प्रक्रिया से पहले क्या विपक्ष के पास इससे बड़ा कोई और कानून उपलब्ध है, तो वे हमें बताएं।
‘SIT की जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई’
गाजियाबाद के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान मंदिर के वित्तीय प्रबंधन पर उठ रहे सवालों का जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “देखिए, इस संवेदनशील विषय को लेकर बाजार में तरह-तरह की भ्रामक चर्चाएं फैलाई जा रही हैं। उत्तर प्रदेश शासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से एक उच्च स्तरीय एसआईटी (SIT) का गठन कर दिया है।
इस विशेष जांच समिति की विस्तृत रिपोर्ट सामने आने के बाद जो भी व्यक्ति इस वित्तीय अनियमितता या गबन का दोषी पाया जाएगा, उस पर कानून के तहत बेहद सख्त और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।” उन्होंने आगे तीखा सवाल दागते हुए कहा कि एसआईटी की चल रही आधिकारिक जांच से पहले आखिर विपक्ष किस आधार पर राजनीति कर रहा है, अगर उनके पास जांच का कोई और कानूनी रास्ता हो तो वह हमें समझाएं।
‘अखिलेश यादव पहले जनता को बताएं…..?’
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा सरकार की चुप्पी को संदिग्ध बताए जाने पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने पलटवार करते हुए सपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मुख्य विपक्षी दल को पूरी तरह आड़े हाथों लेते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता केवल और केवल बहुसंख्यक समाज की भावनाओं को आहत करने और तुष्टिकरण की संकीर्ण राजनीति करने में माहिर हैं।
उपमुख्यमंत्री ने सीधे सपा प्रमुख पर हमला बोलते हुए कहा, “मैं समाजवादी पार्टी के मुखिया से यह सार्वजनिक सवाल पूछना चाहता हूं कि पूर्व में बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर देश-प्रदेश से जो भारी-भरकम धनराशि और चंदा इकट्ठा किया गया था, वह करोड़ों रुपया आखिरकार कहां गायब हो गया? अखिलेश यादव रामलला के मंदिर पर सवाल उठाने से पहले बाबरी के उस चंदे का पूरा हिसाब प्रदेश की जनता के सामने सार्वजनिक क्यों नहीं करते?”
‘भ्रष्टाचार और कदाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस’
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने विपक्षी दलों की मंशा पर सवाल उठाते हुए दुख व्यक्त किया कि कुछ राजनीतिक दलों को केवल और केवल पवित्र रामलला मंदिर और सनातनी परंपराओं पर ही तरह-तरह के बेबुनियाद सवाल खड़े करने में आनंद आता है। उन्होंने राज्य सरकार की नीति को स्पष्ट करते हुए एक बार फिर दोहराया, “हमारी पार्टी और हमारी योगी सरकार भ्रष्टाचार, वित्तीय धोखाधड़ी और कदाचार के खिलाफ पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस मामले में किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।” आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक गाजियाबाद के कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे थे, जहां केंद्र सरकार के सफल कार्यकाल के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) गाजियाबाद द्वारा आयोजित एक विशाल ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं प्रदर्शनी’ में मुख्य अतिथि के रूप में उन्होंने शिरकत की थी।










