Unified Entrance Exam: JEE Main और NEET को मिलाने की तैयारी, सरकार ला सकती है बड़ा बदलाव

देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं JEE Main और NEET को लेकर सरकार बड़ा फैसला ले सकती है। पेपर लीक और परीक्षा विवादों के बाद अब “One Nation One Exam” मॉडल पर चर्चा तेज हो गई है। अगर यह लागू हुआ तो मेडिकल और इंजीनियरिंग एडमिशन प्रक्रिया पूरी तरह बदल सकती है।

JEE Main और NEET को मिलाने की तैयारी

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मई 27, 2026

Unified Entrance Exam: देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में शामिल जेईई मेन और नीट को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। ऐसे में हाल के वर्षों में सामने आए पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के बाद केंद्र सरकार अब परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी कड़ी में सरकार “वन नेशन वन एग्जाम” मॉडल पर विचार कर रही है, जिसके तहत इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं को एक साझा परीक्षा प्रणाली में शामिल किया जा सकता है।

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क्या होगा नया परीक्षा मॉडल?

जानकारी के अनुसार, सरकार एक यूनिफाइड एंट्रेंस एग्जान सिस्टम लागू करने की योजना पर विचान कर रही है। इस मॉडल में छात्रों के लिए एक ही राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा आयोजित की जा सकती है। हालांकि इंजीनियरिगं और मेडिकल स्ट्रीम के छात्रों के लिए अलग-अलग विषय सेक्शन बनाए जाएंगे। उदाहरण के तौर पर इंजीनियरिंग अभ्यर्थियों के लिए मैथ्स का सेक्शन होगा, जबकि मेडिकल उम्मीदवारों के लिए बायोलॉजी शामिल की जाएगी। वहीं फिजिक्स और केमिस्ट्री दोनों परीक्षाओं के लिए कॉमन विषय रह सकते हैं।

सरकार क्यों कर रही है बदलाव पर विचार?

सरकार क्यों कर रही है बदलाव पर विचार?
सरकार क्यों कर रही है बदलाव पर विचार?

हाल के वर्षों में कई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पेपर लीक और गड़बड़ियों के मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार का मानना है कि एकीकृत परीक्षा प्रणाली लागू करने से परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाई जा सकेगी। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को भी बेहतर किया जा सकेगा।

हाई लेवल कमेटी की सिफारिशों से जुड़ा मामला

बताया जा रहा है कि यह प्रस्ताव पूर्व इसरो प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में गठित हाई लेवल कमेटी की सिफारिशों से जुड़ा हुआ है। इस कमेटी का गठन NEET-UG 2024 विवाद के बाद किया गया था। कमेटी को राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने के सुझाव देने की जिम्मेदारी दी गई थी।

NTA की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी यानी National Testing Agency की कार्यप्रणाली को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं। अब सरकार परीक्षा संचालन प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने और बाहरी एजेंसियों पर निर्भरता कम करने की दिशा में विचार कर रही है।

NEET-UG 2026 विवाद बना बड़ी वजह

NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, जिसमें 22 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था। लेकिन परीक्षा के बाद पेपर लीक के आरोपों ने पूरे देश में विवाद खड़ा कर दिया। स्थिति को गंभीर देखते हुए परीक्षा रद्द कर दी गई और दोबारा परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया गया। इस मामले की जांच फिलहाल CBI द्वारा की जा रही है।जांच एजेंसियां विभिन्न राज्यों में परीक्षा से जुड़े नेटवर्क और संदिग्ध गतिविधियों की जांच कर रही हैं।

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छात्रों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता

लगातार सामने आ रहे विवादों के कारण छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। कई लोग परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा को मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि “वन नेशन वन एग्जाम” मॉडल लागू होता है, तो इससे परीक्षा प्रक्रिया को सरल और बेहतर बनाया जा सकता है। हालांकि इसे लागू करने से पहले सरकार को कई तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है।