कैबिनेट के निर्णय के तहत टावर बेस पर 200% और लाइन कॉरिडोर पर 30% का होगा भुगतान

लखनऊ  योगी सरकार ने बिजली की हाईटेंशन लाइनों (765, 400, 220 और 132 केवी) से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत देते हुए मुआवजा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब टावर (खंभे) के नीचे आने वाली जमीन पर किसानों को 200% यानी जमीन की कीमत का दोगुना मुआवजा मिलेगा। इसके साथ ही जिन खेतों के ऊपर से बिजली की लाइनें गुजरती हैं (राइट ऑफ वे/कॉरिडोर), वहां जमीन की कीमत का 30% मुआवजा दिया जाएगा। योगी कैबिनेट का इस निर्णय से किसानों को कुल मिलाकर 21% से 33% तक अधिक लाभ मिलने का अनुमान है। पहले यह थी व्यवस्था ऊर्जा मंत्री

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Published On :

मई 4, 2026

लखनऊ

 योगी सरकार ने बिजली की हाईटेंशन लाइनों (765, 400, 220 और 132 केवी) से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत देते हुए मुआवजा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब टावर (खंभे) के नीचे आने वाली जमीन पर किसानों को 200% यानी जमीन की कीमत का दोगुना मुआवजा मिलेगा। इसके साथ ही जिन खेतों के ऊपर से बिजली की लाइनें गुजरती हैं (राइट ऑफ वे/कॉरिडोर), वहां जमीन की कीमत का 30% मुआवजा दिया जाएगा। योगी कैबिनेट का इस निर्णय से किसानों को कुल मिलाकर 21% से 33% तक अधिक लाभ मिलने का अनुमान है।

पहले यह थी व्यवस्था

ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने बताया कि 2018 से पहले टावर के नीचे या लाइन के कॉरिडोर में आने वाली जमीन पर प्रायः कोई मुआवजा नहीं मिलता था। 2018 में कुछ सुधार हुआ और टावर बेस के नीचे जमीन की कीमत का करीब 85% मुआवजा देने का प्रावधान किया गया, लेकिन लाइन के नीचे (कॉरिडोर) आने वाली जमीन के लिए तब भी कोई व्यवस्था नहीं थी। इससे किसानों में असंतोष रहता था और परियोजनाओं को पूरा करने में भी बाधाएं आती थीं।

अब यह किया गया बदलाव

नई व्यवस्था में टावर (खंभे) के नीचे की जमीन पर 200% (दोगुना) मुआवजा निर्धारित किया गया है। तारों के नीचे आने वाले क्षेत्र (रो कॉरिडोर) पर 30% मुआवजा प्रदान किए जाने की व्यवस्था की गई है। मुआवजा जिलाधिकारी द्वारा तय सर्किल रेट के आधार पर दिया जाएगा।

किसानों को होगा आर्थिक लाभ

इस फैसले से अब किसानों को पहले की तुलना में काफी ज्यादा और न्यायसंगत मुआवजा मिलेगा। जहां पहले या तो मुआवजा नहीं मिलता था या कम मिलता था, वहीं अब जमीन के उपयोग पर सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि बिजली परियोजनाओं में उनकी सहमति और सहयोग भी बढ़ेगा। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि यह निर्णय किसानों के हित में एक बड़ा कदम है। इससे उन्हें उचित मुआवजा मिलेगा और विकास कार्यों के साथ किसान हितों का संतुलन भी सुनिश्चित होगा। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह नई व्यवस्था लागू की गई है, जिससे भविष्य में पारेषण परियोजनाओं को भी गति मिलेगी।

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