Chhattisgarh News: देश की राजधानी दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ (AI Impact Summit) के दौरान पिछले हफ्ते किए गए एक विरोध प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कई घंटों की गहन पूछताछ के बाद, इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर दमनकारी नीति अपनाने का आरोप लगाया है।
क्या था पूरा मामला?

पिछले सप्ताह दिल्ली के भारत मंडपम में अंतरराष्ट्रीय एआई समिट का आयोजन किया गया था। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ‘शर्टलेस प्रोटेस्ट’ (बिना कमीज के विरोध) किया था। कांग्रेस का कहना है कि यह प्रदर्शन बेरोजगारी और युवाओं की अनसुनी पीड़ा को प्रधानमंत्री के सामने लाने का एक प्रतीकात्मक तरीका था। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इसे गरिमा के खिलाफ बताते हुए लगातार विरोध किया और कार्रवाई की मांग की थी।
भूपेश बघेल का तीखा हमला: “लोकतंत्र पर हमला”
उदय भानु चिब की गिरफ्तारी पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से केंद्र सरकार को ‘तानाशाह’ करार देते हुए इस कार्रवाई की निंदा की।
लोकतांत्रिक हथियार: बघेल ने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं का सवाल पूछना और विरोध करना अपराध नहीं, बल्कि उनका सबसे मजबूत हथियार है।
शांतिपूर्ण विरोध: उन्होंने दावा किया कि युवा कार्यकर्ताओं ने बिना किसी हिंसा या उकसावे के शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी थी, जिसे दबाने के लिए पुलिस का सहारा लिया जा रहा है।
अभिव्यक्ति की आजादी: पूर्व सीएम ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर सीधा हमला बताया और गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा करने की मांग की।
पुलिस की कार्रवाई और कोर्ट में पेशी
दिल्ली पुलिस ने उदय भानु चिब से लंबी पूछताछ की और फिर उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस का तर्क है कि हाई-सिक्योरिटी जोन और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में इस तरह का प्रदर्शन नियमों का उल्लंघन है।
कोर्ट में पेशी: पुलिस मंगलवार, 24 फरवरी 2026 को सुबह 10 बजे के बाद उदय भानु चिब को अदालत में पेश करेगी।
कांग्रेस की मांग: कांग्रेस पार्टी ने मांग की है कि चिब और अन्य साथियों पर लगाए गए सभी ‘झूठे’ आरोप वापस लिए जाएं और इस तरह के पुलिसिया दमन को तत्काल रोका जाए।
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब विपक्ष लगातार बेरोजगारी और आर्थिक नीतियों को लेकर सरकार को घेर रहा है। उदय भानु चिब की गिरफ्तारी ने यूथ कांग्रेस को एक नया मुद्दा दे दिया है, जिससे आने वाले दिनों में दिल्ली की सड़कों पर और अधिक विरोध प्रदर्शन देखने को मिल सकते हैं। यह मामला अब केवल एक प्रदर्शन का नहीं, बल्कि ‘लोकतांत्रिक अधिकारों बनाम सुरक्षा प्रोटोकॉल’ की बहस में बदल गया है।
AI समिट में हंगामा: शर्टलेस प्रोटेस्ट के बाद यूथ कांग्रेस चीफ पर पुलिस की कार्रवाई









