Ardh Kumbh Mela Haridwar: हरिद्वार में होने वाले आगामी अर्धकुंभ मेले की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। इस बार देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं का स्वागत सामान्य होर्डिंग्स या बैनर से नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक थीम पर आधारित भव्य त्रिआयामी (3D) द्वारों से किया जाएगा। इसके लिए मेला प्राधिकरण ने टेंडर और एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि समय रहते इन आकर्षक और मजबूत द्वारों का निर्माण सुनिश्चित किया जा सके।
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सुरक्षा और आधुनिक तकनीक का संगम

ये स्वागत द्वार केवल सजावट का हिस्सा नहीं होंगे, बल्कि सुरक्षा और सुविधाओं से पूरी तरह लैस होंगे। इन्हें बेहद मजबूत स्टील फ्रेमवर्क पर तैयार किया जाएगा। इन द्वारों पर अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे, जो मेले के दौरान भारी भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) और सुरक्षा निगरानी में प्रशासन की मदद करेंगे। इसके अलावा, रात के समय इन द्वारों को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा। ब्लैकआउट से बचने के लिए बैकअप बिजली व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि श्रद्धालुओं को रात में भी सही दिशा और सुरक्षित माहौल मिल सके।
एजेंसी की जिम्मेदारी और सख्त समय सीमा
मेला प्राधिकरण ने निर्माण के लिए सख्त नियम तय किए हैं। चयनित एजेंसी को वर्क ऑर्डर मिलने के मात्र 30 दिनों के भीतर साइट सर्वे, डिजाइन की मंजूरी, निर्माण, और लाइटिंग का पूरा काम खत्म करना होगा।
सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इन द्वारों के डिजाइन को हवा के भारी दबाव और स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल बनाया जाएगा। इसके लिए आईआईटी रुड़की (IIT Roorkee) जैसी प्रतिष्ठित संस्था या किसी थर्ड पार्टी से संरचना की मजबूती का प्रमाणपत्र (Stability Certificate) लेना अनिवार्य किया गया है। मेले के दौरान रखरखाव और मेला समाप्त होने के 15 दिनों के भीतर द्वारों को हटाकर जगह को पहले जैसा करने की जिम्मेदारी भी एजेंसी की ही होगी।
शहर के प्रमुख मार्गों पर होगी स्थापना

ये भव्य द्वार हरिद्वार के सभी प्रमुख प्रवेश मार्गों और मेला क्षेत्रों में स्थापित किए जाएंगे। यातायात बाधित न हो, इसके लिए द्वारों की चौड़ाई 7 से 35 मीटर और कुल ऊंचाई 8 से 18 मीटर तक रखी जाएगी। इसके नीचे से गुजरने वाले वाहनों के लिए कम से कम 6 मीटर की ऊंचाई खाली (Clearance) रखी जाएगी।
संभावित स्थान: सिंह द्वार (एनएच-58), भूपतवाला चौक, बैरागी कैंप, शिवालिक नगर चौक, चंडी देवी मंदिर रोड, सहारनपुर रोड और ऋषिकेश का बद्रीनाथ रोड। इसके अलावा कनखल (दक्ष द्वार), ज्वालापुर रेलवे स्टेशन, पंतद्वीप पार्किंग और जानकी सेतु जैसे स्थानों पर भी द्वार बनाए जा सकते हैं।
सनातन धर्म की गौरवशाली कथाओं पर आधारित थीम

हरिद्वार में प्रवेश करते ही यात्रियों को दिव्य ऊर्जा का अहसास हो, इसके लिए द्वारों की थीम सनातन धर्म की पौराणिक कथाओं और प्रतीकों पर रखी गई है। इन द्वारों को मां गंगा, समुद्र मंथन, शिवलिंग, त्रिशूल, डमरू, ओम, रुद्राक्ष और शंख जैसी थीम पर भव्य रूप दिया जाएगा। इसके साथ ही अमृत कलश, सुदर्शन चक्र, स्वास्तिक, कामधेनु, ऐरावत, नीलकंठ महादेव, चंडी देवी, मनसा देवी और अखाड़ा परंपरा की झलक भी इन द्वारों की डिजाइन में देखने को मिलेगी। एजेंसी को हर लोकेशन के लिए कम से कम तीन 3D डिजाइन विकल्प प्राधिकरण को सौंपने होंगे, जिनमें से सर्वश्रेष्ठ को अंतिम मंजूरी दी जाएगी।
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