U19 World Cup Final: अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए बेहद रोमांचक साबित हो रहा है, जहां भारत और इंग्लैंड की टीमें खिताबी जंग में आमने-सामने हैं। इस बड़े मुकाबले में भारतीय अंडर-19 टीम ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड के सामने 412 रन का विशाल लक्ष्य रखा है। टीम इंडिया छठी बार अंडर-19 विश्व कप जीतने के इरादे से उतरी है, जबकि इंग्लैंड दूसरी बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाने की कोशिश में है।
टॉस जीतकर भारत का पहले बल्लेबाजी का फैसला
शुक्रवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे फाइनल मुकाबले में भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। हालांकि भारत की शुरुआत कुछ खास नहीं रही और 20 रन के कुल स्कोर पर टीम ने सलामी बल्लेबाज आरोन जॉर्ज का विकेट गंवा दिया। आरोन जॉर्ज सिर्फ 9 रन बनाकर पवेलियन लौट गए, जिससे भारत पर शुरुआती दबाव बन गया।
सूर्यवंशी और म्हात्रे की शानदार साझेदारी
पहला विकेट गिरने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने कप्तान आयुष म्हात्रे के साथ मिलकर पारी को संभाला। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 90 गेंदों में 142 रनों की बेहतरीन साझेदारी करते हुए भारत का स्कोर 162 तक पहुंचा दिया। आयुष म्हात्रे ने 51 गेंदों में 53 रन की सधी हुई पारी खेली, जिसमें 2 छक्के और 7 चौके शामिल थे। उनके आउट होने के बाद भी भारतीय पारी की रफ्तार थमी नहीं।
वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक शतकीय पारी
कप्तान के आउट होने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने वेदांत त्रिवेदी के साथ मिलकर सिर्फ 39 गेंदों में 89 रन जोड़ते हुए इंग्लिश गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। वैभव सूर्यवंशी ने फाइनल मुकाबले में ऐतिहासिक पारी खेलते हुए 80 गेंदों में 175 रन बनाए। उनकी इस विस्फोटक पारी में 15 चौके और 15 छक्के शामिल रहे। इसके साथ ही वैभव अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने वाले बल्लेबाज बन गए।
मध्यक्रम का योगदान और 300 के पार स्कोर
वैभव के आउट होने के बाद वेदांत त्रिवेदी ने विहान मल्होत्रा के साथ चौथे विकेट के लिए 51 रन जोड़कर टीम को 300 के आंकड़े के पार पहुंचाया। इस दौरान भारतीय टीम ने 308 रन तक अपने पांच विकेट गंवा दिए थे, लेकिन निचले क्रम के बल्लेबाजों ने अहम योगदान देकर स्कोर को मजबूत किया।
अंतिम ओवरों में तेज रन और 411 का स्कोर
इसके बाद अभिज्ञान कुंडू और आरएस अंबरीश ने छठे विकेट के लिए 51 रनों की साझेदारी की। अभिज्ञान कुंडू ने 31 गेंदों में 40 रन बनाए, जबकि अंबरीश ने 18 रन जोड़े। अंतिम ओवरों में कनिष्क चौहान ने तेज बल्लेबाजी करते हुए 20 गेंदों में नाबाद 37 रन बनाए और भारत को 411/9 के विशाल स्कोर तक पहुंचाया।
इंग्लैंड के गेंदबाजों का प्रदर्शन
इंग्लैंड की ओर से जेम्स मिंटो सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 3 विकेट झटके। सेबेस्टियन मॉर्गन और एलेक्स ग्रीन को 2-2 विकेट मिले, जबकि मैनी लम्सडेन ने 1 विकेट हासिल किया। अब इंग्लैंड के सामने खिताब जीतने के लिए 412 रनों की कठिन चुनौती है।
फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन
इंग्लैंड की टीम में बेन डॉकिन्स, जोसेफ मूरेस, बेन मेयस, थॉमस रेव (कप्तान/विकेटकीपर), कालेब फाल्कनर, राल्फी अल्बर्ट, फरहान अहमद, सेबेस्टियन मॉर्गन, जेम्स मिंटो, मैनी लम्सडेन और एलेक्स ग्रीन शामिल हैं।
भारतीय टीम की प्लेइंग-11 में आरोन जॉर्ज, वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे (कप्तान), विहान मल्होत्रा, वेदांत त्रिवेदी, अभिज्ञान कुंडू (विकेटकीपर), आरएस अंबरीश, कनिष्क चौहान, खिलान पटेल, हेनिल पटेल और दीपेश देवेंद्रन शामिल हैं।










