U19 World Cup 2026: भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से रौंदा, रिकॉर्ड 10वीं बार फाइनल में बनाई जगह

हरारे में खेले गए हाई-वोल्टेज सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के 310 रनों के विशाल लक्ष्य को भारतीय जांबाजों ने बौना साबित कर दिया। आरोन जॉर्ज के शानदार 115 रन और वैभव सूर्यवंशी की 33 गेंदों में 68 रनों की आतिशी पारी ने भारत को 10वीं बार फाइनल में पहुँचाया। क्या भारत अब इंग्लैंड को मात दे पाएगा?

Under-19 World Cup

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 4, 2026

U19 World Cup 2026: भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम ने अपनी बादशाहत कायम रखते हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में अफगानिस्तान को करारी शिकस्त दी है। जिम्बाब्वे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में भारत ने न केवल जीत दर्ज की, बल्कि 10वीं बार फाइनल में पहुंचकर एक नया इतिहास रच दिया। अब खिताबी मुकाबले में भारत का सामना इंग्लैंड से होगा, जहाँ टीम इंडिया की नजरें छठी बार विश्व विजेता बनने पर टिकी हैं। इस जीत की सबसे खास बात यह रही कि भारतीय टीम सेमीफाइनल के इतिहास में सबसे बड़ा लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल करने वाली टीम बन गई है।

अफगानिस्तान की दमदार बल्लेबाजी: शिनोजादा और नियाजी के जुड़वां शतक

मैच की शुरुआत में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया, लेकिन अफगानिस्तान के बल्लेबाजों ने इसे गलत साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सलामी बल्लेबाज खालिद अहमदजई (31 रन) ने टीम को सधी हुई शुरुआत दी। इसके बाद फैसल शिनोजादा और उस्मान सादात के बीच हुई 64 रनों की साझेदारी ने टीम को मजबूती दी। असली धमाका तब हुआ जब शिनोजादा ने 110 रनों (93 गेंद, 15 चौके) की तूफानी पारी खेली। उनका बखूबी साथ निभाया उजैरुल्लाह नियाजी ने, जिन्होंने नाबाद 101 रन बनाए। इन दोनों के बीच हुई 148 रनों की विशाल साझेदारी की बदौलत अफगानिस्तान ने बोर्ड पर एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा कर दिया। भारत के लिए दीपेश देवेंद्रन और कनिष्क चौहान ने 2-2 विकेट लिए।

वैभव सूर्यवंशी का पावरप्ले में प्रहार: जीत की नींव रखी

विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के इरादे बिल्कुल स्पष्ट थे। युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने मैदान पर उतरते ही अफगानी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ानी शुरू कर दीं। वैभव ने महज 33 गेंदों में 68 रनों की आतिशी पारी खेलकर भारत को वह गति प्रदान की, जिसकी बड़े स्कोर का पीछा करते समय जरूरत होती है। उन्होंने आरोन जॉर्ज के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए मात्र कुछ ही ओवरों में 90 रन जोड़ दिए। वैभव के आउट होने के बाद भी भारतीय खेमे में कोई घबराहट नहीं दिखी और रन गति बरकरार रही।

आरोन जॉर्ज का मास्टरक्लास शतक: अफगानिस्तान की उम्मीदें ध्वस्त

वैभव के जाने के बाद आरोन जॉर्ज ने मोर्चा संभाला और कप्तान आयुष म्हात्रे के साथ पारी को आगे बढ़ाया। आयुष ने सूझबूझ भरी बल्लेबाजी करते हुए 62 रन बनाए और जॉर्ज को स्ट्राइक रोटेट करने में मदद की। आरोन जॉर्ज इस दौरान पूरे नियंत्रण में दिखे और उन्होंने अफगानी स्पिनरों को हावी होने का कोई मौका नहीं दिया। जॉर्ज ने 95 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और अंततः 115 रनों (104 गेंद, 15 चौके, 2 छक्के) की मैच जिताऊ पारी खेली। उनकी इस बल्लेबाजी ने अफगानिस्तान के सेमीफाइनल जीतने के सपने को चकनाचूर कर दिया।

इंग्लैंड से होगा खिताबी मुकाबला: छठी बार वर्ल्ड कप जीतने का लक्ष्य

जॉर्ज के आउट होने के बाद विहान मल्होत्रा (38 रन) और वेदांत त्रिवेदी ने औपचारिकताएं पूरी करते हुए भारत को जीत की दहलीज के पार पहुँचाया। अफगानिस्तान के लिए नूरिस्तानी उमरज़ई ने 2 विकेट लिए, लेकिन वे भारत के विजय रथ को रोकने में नाकाम रहे। अब पूरी दुनिया की नजरें भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाले महामुकाबले पर हैं। भारतीय युवा टीम जिस फॉर्म में है, उसे देखते हुए क्रिकेट प्रशंसक एक बार फिर ‘ब्लू ब्रिगेड’ को विश्व कप की ट्रॉफी उठाते हुए देखने के लिए उत्साहित हैं।