Twisha Sharma Death Case: बेल्ट और चोट के निशान में समानता, ट्विशा मौत केस में बड़ा अपडेट

मॉडल-एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामले में एम्स की फाइनल फोरेंसिक रिपोर्ट सामने आ गई है। सूत्रों के मुताबिक, सीलबंद रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है

Twisha Sharma Death Case

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 12, 2026

Twisha Sharma Death Case: मध्य प्रदेश के बहुचर्चित और रहस्यमयी ट्विशा शर्मा मौत मामले में एक बहुत बड़ा और निर्णायक मोड़ आया है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली के मेडिकल बोर्ड ने अपनी फाइनल फोरेंसिक रिपोर्ट केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। 11 पन्नों की यह विस्तृत रिपोर्ट एक सीलबंद लिफाफे में दी गई है, जिसमें डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अपनी अंतिम और अचूक राय दर्ज की है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस रिपोर्ट में ‘लिगेचर’ (गले को कसने वाली वस्तु) को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। घटना स्थल से बरामद जिम्नास्टिक बेल्ट पर मृतका के स्किन टिशू (त्वचा के अंश) पाए गए हैं, जिससे अब इस पूरे मामले को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

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गले के घाव और जिम्नास्टिक बेल्ट का पैटर्न हुआ मैच

इस फोरेंसिक रिपोर्ट की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ट्विशा की गर्दन पर बने चोट के निशान का मिलान उस जिम्नास्टिक बेल्ट से हो गया है, जिसका इस्तेमाल मौत के समय किए जाने का संदेह था। एम्स के मेडिकल बोर्ड ने पाया कि गले के घाव का पैटर्न पूरी तरह से बेल्ट के डिजाइन और बनावट से मेल खाता है। उल्लेखनीय है कि जब पहली बार ट्विशा का पोस्टमार्टम हुआ था, तब जांच टीम को यह बेल्ट नहीं सौंपी गई थी, जिसके कारण गले के निशानों का सच सामने नहीं आ सका था। इसी विसंगति को देखते हुए ट्विशा के परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग की थी, जिसके बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने शव के दूसरे पोस्टमार्टम का ऐतिहासिक आदेश दिया था। हालांकि, सीलबंद रिपोर्ट में मौत की अंतिम वजह (आत्महत्या या हत्या) को लेकर मेडिकल बोर्ड ने क्या निष्कर्ष निकाला है, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

हाई कोर्ट के आदेश पर 24 मई को हुआ था दूसरा पोस्टमार्टम

ट्विशा शर्मा के परिवार की याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को समझा और एम्स के डॉक्टरों से दोबारा जांच कराने का निर्देश दिया। हाई कोर्ट के आदेश पर एम्स के डायरेक्टर ने फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक विशेष टीम (मेडिकल बोर्ड) का गठन किया। इस बोर्ड ने 24 मई को ट्विशा के शव का दूसरा पोस्टमार्टम किया। केवल अस्पताल में जांच करने के बजाय, डॉक्टरों की इस टीम ने भोपाल स्थित ट्विशा के ससुराल का भी दौरा किया, जहाँ यह घटना घटी थी। टीम ने वहाँ के अपराध स्थल का बारीकी से मुआयना किया ताकि कड़ियों को जोड़ा जा सके। कोर्ट के निर्देशानुसार इस 11 पेज की रिपोर्ट की तीन कॉपियां बनाई गईं—एक CBI को, दूसरी मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को और तीसरी AIIMS के डायरेक्टर को सौंपी गई है।

सीसीटीवी फुटेज से खुला था राज

इस मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो 12 मई को ट्विशा शर्मा का शव उनके ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। घटना के तुरंत बाद ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह ने इसे आत्महत्या का मामला बताते हुए पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी। इसी बीच ट्विशा का पति समर्थ सिंह मौके से फरार हो गया, जिससे पुलिस का शक गहरा गया। जब घर में लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की जांच की गई, तो उसमें चौंकाने वाले दृश्य दिखे। फुटेज में पहले ट्विशा सीढ़ियों से ऊपर जाती हुई दिखाई दी, और उसके कुछ समय बाद उसका पति समर्थ दो अन्य लोगों के साथ ट्विशा के शव को नीचे लाते हुए नजर आया।

ट्विशा के मायके वालों ने सीधे तौर पर उनके ससुराल वालों पर दहेज और प्रताड़ना के कारण हत्या का आरोप लगाया। सीसीटीवी साक्ष्यों और संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। घटना के 10 दिन बाद यानी 22 मई को मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह ने आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सास गिरिबाला सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। वर्तमान में इस संवेदनशील मामले की कमान देश की शीर्ष जांच एजेंसी CBI के हाथों में है, और एम्स की यह नई फोरेंसिक रिपोर्ट अदालती कार्यवाही में सबसे बड़ा सबूत साबित होने वाली है।

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