Twisha Sharma Death Case: मुर्दाघर में रखा शव, फरार पति और कोर्ट में सवालों से गरमाया ट्विशा केस

ट्विशा शर्मा का शव आठ दिनों से मुर्दाघर में रखा है। परिवार ने न्याय मिलने तक शव लेने से इनकार किया है, जबकि पुलिस जांच और एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

Twisha Sharma Death Case

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मई 20, 2026

Twisha Sharma Death Case: 12 मई को ट्विशा शर्मा की लाश उसके ससुराल में छत पर फंदे से लटकी मिली थी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया, लेकिन परिजनों ने अब तक उसे अपने कब्जे में नहीं लिया है। 13 मई से शव मुर्दाघर में रखा हुआ है। पुलिस ने परिवार को पत्र लिखकर अंतिम संस्कार करने को कहा, क्योंकि शव सड़ना शुरू हो गया है। परिवार का कहना है कि जब तक आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं होती, वे शव नहीं लेंगे।

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दहेज प्रताड़ना का आरोप और पति फरार

परिजनों ने पति समर्थ सिंह और सास पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया है। ट्विशा की मौत के बाद से उसका पति फरार है। अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है और पुलिस ने गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित किया है। सास गिरिबाला सिंह, जो रिटायर्ड जज हैं, जमानत पर बाहर हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल

ट्विशा के वकील ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं।

शरीर पर चोटों का विस्तृत विवरण नहीं

लिगेचर मटीरियल (बेल्ट) गायब

लंबाई के रिकॉर्ड में अंतर

FIR में विरोधाभास

CCTV टाइमिंग में विसंगति

वकील ने यह भी सवाल उठाया कि पोस्टमार्टम के दौरान ट्विशा की सास की बहन को AIIMS में मौजूद रहने की अनुमति क्यों दी गई।

CCTV फुटेज ने बढ़ाई रहस्य की परत

CCTV फुटेज के अनुसार, ट्विशा शाम 7:20 बजे छत की ओर जाती दिखीं और रात 8:20 बजे उनका शव नीचे लाया गया। लेकिन FIR में मौत का समय 10:50 बजे दर्ज है। यह तीन घंटे का अंतर जांच का मुख्य केंद्र बन गया है। इससे सवाल उठते हैं कि क्या टाइमस्टैम्प गलत था या मौत का समय जानबूझकर गलत दर्ज किया गया।

उम्र को लेकर विरोधाभास

दस्तावेजों में ट्विशा की उम्र अलग-अलग बताई गई है। जन्मतिथि 16 अप्रैल 1987 दर्ज है, लेकिन कहीं उम्र 33 साल और कहीं 31 साल लिखी गई है। परिवार का कहना है कि यह क्लर्कियल गलती नहीं बल्कि संदिग्ध जांच का संकेत है।

अदालत और पुलिस की भूमिका

सुनवाई के दौरान पुलिस और परिवार दोनों अदालत में पेश हुए। पुलिस ने लिखित रूप में कहा कि उन्हें दूसरे पोस्टमार्टम पर कोई आपत्ति नहीं है। परिवार ने शव को सुरक्षित रखने की मांग की है।

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