Tvisha Sharma Case: ‘कोर्ट में हंस रहा था आरोपी पति समर्थ’, भोपाल मौत मामले में मृतका के भाई मेजर हर्षित का बड़ा दावा

भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में मृतका के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि स्थानीय पुलिस के बजाय केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) इस पूरे केस को अपने हाथों में ले, ताकि रसूखदारों के दबाव से मुक्त होकर जांच को सही दिशा मिल सके और ट्विशा को न्याय मिले।

Tvisha Sharma Case

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मई 23, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

Tvisha Sharma Case: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हुए हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा मौत मामले में रोज़ नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस बीच मृतका ट्विशा शर्मा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने आरोपी पति समर्थ सिंह को लेकर बेहद सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अपनी पत्नी को खोने के बाद भी आरोपी के चेहरे पर शिकन तक नहीं है।

मेजर हर्षित शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जब आरोपी समर्थ सिंह को भोपाल कोर्ट में पेश किया गया, तब उसकी बॉडी लैंग्वेज (हाव-भाव) बेहद हैरान करने वाली थी। हर्षित के मुताबिक, “समर्थ के चेहरे पर अपनी पत्नी के जाने का कोई गम या पछतावा नहीं दिख रहा था। वह अदालत परिसर में इस तरह बर्ताव कर रहा था जैसे आम तौर पर लोग हंसते-मुस्कुराते हुए बात करते हैं।” पीड़ित परिवार ने अब इस पूरे मामले की निष्पक्षता के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग को तेज कर दिया है।

राजस्थान में जल जीवन मिशन के तहत बड़ी पहल, जैसलमेर की आर्टिफिशियल झील का जल्द होगा उद्घाटन

आरोपी पति समर्थ सिंह 7 दिन की पुलिस रिमांड पर

ट्विशा शर्मा की मौत के मुख्य आरोपी और उनके पति समर्थ सिंह को शनिवार (23 मई 2026) को कड़े सुरक्षा घेरे में भोपाल जिला अदालत में पेश किया गया। कोर्ट की कार्यवाही शुरू होते ही पुलिस ने आरोपी से गहन पूछताछ और साक्ष्य जुटाने के लिए 7 दिनों की रिमांड की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

पुलिस कस्टडी की मुख्य वजहें

सरकारी वकील और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की तह तक जाने के लिए आरोपी को घटनास्थल पर ले जाकर ‘स्पॉट वेरिफिकेशन’ (घटना का पुनर्रचना) कराना बेहद जरूरी है। इसके अलावा वारदात से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जब्ती और आरोपी का विस्तृत बयान दर्ज किया जाना है, जिसके लिए 7 दिनों की पुलिस कस्टडी बेहद अहम साबित होगी।

हाई कोर्ट से बड़ी राहत

इससे पहले शुक्रवार (22 मई 2026) को इस मामले में ट्विशा के न्याय के लिए लड़ रहे परिवार को उस वक्त बड़ी सफलता मिली, जब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने उनकी याचिका पर बड़ा फैसला सुनाया।

निचली अदालत का फैसला पलटा

ट्विशा के परिजनों ने पहले भोपाल की निचली अदालत में दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की अर्जी दी थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद परिवार ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

लापरवाही के आरोप: परिवार का सीधा आरोप था कि डॉक्टरों द्वारा किए गए पहले पोस्टमॉर्टम में कई तकनीकी खामियां और प्रक्रियागत लापरवाही बरती गई थीं, जिससे पूरी जांच की निष्पक्षता संदेह के घेरे में आ गई थी। हाई कोर्ट ने परिवार की दलीलों को स्वीकार करते हुए दूसरे पोस्टमॉर्टम और मामले को सीबीआई को सौंपने के निर्देश दिए, जिसके लिए परिजनों ने प्रदेश सरकार और न्यायपालिका का आभार व्यक्त किया है।

सास की जमानत रद्द करने की मांग

मेजर हर्षित शर्मा ने इस दौरान अपनी सास गिरीबाला सिंह (ट्विशा की सास) पर भी केस को दबाने और गवाहों को प्रभावित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। हर्षित ने कहा, “हम प्रशासन से मांग करते हैं कि गिरीबाला सिंह की जमानत तुरंत रद्द की जानी चाहिए, क्योंकि उन्होंने रसूख के दम पर केस को भटकाने की पूरी कोशिश की है।” मामले में सामने आए एक संदिग्ध ऑडियो टेप का जिक्र करते हुए हर्षित ने कहा कि उस टेप में जिस तरह की आपत्तिजनक और डराने वाली बातें कही गई हैं, वे इतनी शर्मनाक हैं कि मैं उन्हें दोबारा दोहराना भी नहीं चाहता। इस ऑडियो के सामने आने के बाद से आरोपी पक्ष पूरी तरह बैकफुट पर है।

क्या था पूरा मामला?

लॉ की छात्रा रहीं ट्विशा शर्मा की लाश 12 मई 2026 की रात भोपाल स्थित उनके ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकी हुई मिली थी। घटना के बाद से ही मायके पक्ष के लोगों ने समर्थ सिंह और उनके परिवार पर दहेज उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई थी। ट्विशा के चचेरे भाई आशीष शर्मा ने भी मांग की है कि अब हाई कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन को बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलानी चाहिए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा का त्वरित असर: कोसरंगी की दीदियों को मिली 50 निःशुल्क सिलाई मशीनें

2