Trump Tariff Plan से बढ़ सकती है ट्रेड टेंशन, भारत-चीन पर नया टैरिफ प्रस्ताव

 नई दिल्ली डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नया टैरिफ प्लान (Donald Trump Tariff Plan) तैयार कर लिया है और नए अमेरिकी टैरिफ रेट प्रस्तावित किए गए हैं. अमेरिका अपने प्रमुख व्यापारिक साझेदारों से किए जाने वाले आयात पर कम से कम 10 फीसदी का टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहे हैं और उनका ये प्रपोजल जबरन श्रम प्रथाओं की जांच के बाद आया है.  रिपोर्ट्स की मानें, भारत और चीन को लेकर भी नया टैरिफ तय कर लिया गया है, जो 12 फीसदी से ज्यादा हो सकता है।  India-China समेत किन देशों पर कितना टैरिफ?  ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट

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Published On :

जून 4, 2026

 नई दिल्ली

डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नया टैरिफ प्लान (Donald Trump Tariff Plan) तैयार कर लिया है और नए अमेरिकी टैरिफ रेट प्रस्तावित किए गए हैं. अमेरिका अपने प्रमुख व्यापारिक साझेदारों से किए जाने वाले आयात पर कम से कम 10 फीसदी का टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहे हैं और उनका ये प्रपोजल जबरन श्रम प्रथाओं की जांच के बाद आया है.  रिपोर्ट्स की मानें, भारत और चीन को लेकर भी नया टैरिफ तय कर लिया गया है, जो 12 फीसदी से ज्यादा हो सकता है। 

India-China समेत किन देशों पर कितना टैरिफ? 
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका द्वारा प्रस्तावित नए टैरिफ रेट्स को देखें, तो भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्राजील और स्विट्जरलैंड जैसे देशों से आने वाले सामानों पर ट्रंप 12.5 फीसदी का टैरिफ लगा सकते हैं. वहीं दूसरी ओर अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने साफ किया है कि कनाडा, मैक्सिको, यूरोपीय यूनियन, ताइवान और ब्रिटेन समेत अन्य देशों से आयात पर 10 फीसदी की टैरिफ दर लागू होगी। 

इधर डील पर बात, उधर टैरिफ प्लान
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा दुनिया के तमाम देशों पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था. अब ट्रंप उन टैरिफ को फिर से लागू करने की कोशिश कर रहे हैं. भारत को लेकर ये खास इसलिए भी है, क्योंकि Donald Trump Tariff Plan ऐसे समय में सामने आया है, जबकि US के मुख्य वार्ताकार द्विपक्षीय व्यापार समझौते (India-US BTA) को अंतिम रूप देने के लिए नई दिल्ली में भारतीय अधिकारियों के साथ तीन दिनों की बातचीत कर रहे हैं। 

धारा 301, 60 जांचें, टैरिफ तैयारी
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि संयुक्त राज्य व्यापार प्रतिनिधि ने धारा 301 के तहत की गई 60 जांचों के निष्कर्ष जारी किए हैं, जिनमें भारत को उन 54 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया गया है, जिन्होंने जबरन लेबर बेस्ड सामानों के आयात पर प्रतिबंध नहीं लगाया है या प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया है। 

अमेरिकी व्यापार मंत्रालय (USTR) के एक नोटिस में कहा गया है कि जिन अर्थव्यवस्थाओं में जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध है, या जिन्होंने पारस्परिक व्यापार समझौते के माध्यम से प्रतिबद्धता जताई है, या जिनके पास कुछ जबरन श्रम से बने उत्पादों को प्रतिबंधित करने वाली सीमित व्यवस्थाएं हैं, उन्हें अतिरिक्त 10% शुल्क का सामना करना पड़ेगा। 

भारत सहित अन्य अर्थव्यवस्थाओं के लिए, अमेरिकी व्यापार मंत्रालय ने 12.5% ​​की हाई एक्स्ट्रा टैरिफ रेट प्रस्तावित किए हैं. ट्रंप प्रशासन के इस ने टैरिफ प्रपोजल में कपड़ों पर आयात का जिक्र भी किया गया है. जो कुछ अर्थव्यवस्थाओं से अमेरिका में एक निश्चित मात्रा में कपड़ा आयात को धारा 301 के तहत कम टैरिफ रेट पर करने की अनुमति देता है।