हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि टेस्ला का भारत में फैक्ट्री खोलना अमेरिका के लिए “बहुत अनुचित” होगा। यह बयान उस समय आया जब एलन मस्क, टेस्ला के CEO, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर रहे थे। ट्रंप ने भारत में उच्च टैरिफ को लेकर एक बार फिर अपना विरोध जताया और कहा कि भारत समेत सभी देशों ने अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ को बढ़ाकर फायदा उठाया है। खासतौर पर, ट्रंप ने भारत में कारों पर लगने वाले टैक्स को मुद्दा बनाया और कहा कि भारत में कार बेचना लगभग असंभव है।

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अमेरिका के लिए अनुचित फैसला
इस पर एलन मस्क (Elon Musk) ने ट्रंप की बात को और स्पष्ट करते हुए कहा कि, भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर 100% इम्पोर्ट ड्यूटी लगती है, जो एक बड़ी रुकावट है। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए इम्पोर्ट ड्यूटी 35,000 डॉलर से अधिक कीमत वाली गाड़ियों के लिए 15% है, लेकिन कुछ शर्तों के साथ। इसके बावजूद ट्रंप ने कहा कि यदि मस्क भारत में फैक्ट्री खोलते हैं तो यह अमेरिका के लिए अत्यधिक अनुचित होगा। उन्होंने इसे “बहुत ही अन्यायपूर्ण” बताया।

मोदी से ट्रंप की बातचीत
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत की है और अमेरिका भारत के साथ “न्यायपूर्ण” व्यापार करेगा। एक सवाल के जवाब पर पूछा कि क्या भारत की टैरिफ दर 36% है, तो ट्रंप ने इसे और भी ज्यादा बताया। मस्क ने भी इस पर सहमति जताई और कहा कि भारत में ऑटोमोबाइल इम्पोर्ट पर 100% शुल्क है, जिसे व्यापार के दृष्टिकोण से “न्यायसंगत” नहीं माना जा सकता। साथ ही ट्रंप ने ये भी कहा कि, अगर व्यापार के स्तर को समान और न्यायसंगत बनाया जाए, तो इससे अमेरिका को अधिक लाभ मिलेगा और कई व्यवसाय भारत में आएंगे। उनका यह बयान न केवल व्यापारिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को लेकर भी एक बड़ा संकेत देता है।
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टेस्ला कंपनियों के लिए भारत में प्रवेश करना आसान
एक रिपोर्ट के अनुसार, टेस्ला ने भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए नई दिल्ली और मुंबई में शोरूम के स्थान चिह्नित कर लिए हैं और 13 मिड-लेवल पदों के लिए भर्ती भी शुरू कर दी है। हालांकि, भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों पर उच्च इम्पोर्ट ड्यूटी के कारण टेस्ला की उपस्थिति बहुत कम रही है। लेकिन हाल ही में भारत सरकार ने 40,000 डॉलर से अधिक कीमत वाली लग्जरी कारों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को 110% से घटाकर 70% कर दिया है, जिससे टेस्ला जैसी कंपनियों के लिए भारत में प्रवेश करना आसान हो सकता है।