Nuclear Weapons : संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर ईरान के परमाणु हथियारों को लेकर एक अत्यंत कड़ा और चेतावनी भरा संदेश जारी किया है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ईरान द्वारा विकसित किए जा रहे परमाणु हथियार वर्तमान में वैश्विक शांति के लिए सबसे बड़ा संकट बन चुके हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस खतरे की गंभीरता को नजरअंदाज करना भविष्य में पूरी मानवता के लिए विनाशकारी सिद्ध हो सकता है। ट्रंप के अनुसार, अब वह समय आ गया है जब दुनिया को कूटनीति के साथ-साथ कठोर और त्वरित कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
सोशल मीडिया पर वार: चांसलर फ्रेडरिक मर्ज पर साधा निशाना
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की नीतियों और सोच पर तीखा प्रहार किया है। ट्रंप ने चांसलर मर्ज पर आरोप लगाया कि वे ईरान के परमाणु शक्ति संपन्न होने की संभावना को एक साधारण विषय मानकर बड़ी भूल कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि इस प्रकार की रणनीतिक लापरवाही अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से ध्वस्त कर देगी। उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि वर्तमान अमेरिकी प्रशासन वह साहसी कदम उठा रहा है, जिसे पिछले राष्ट्रपतियों या अन्य पश्चिमी देशों ने डर के कारण टाल दिया था।
जर्मनी की नीतियों पर सवाल और अमेरिका की प्रतिबद्धता
जर्मनी की वर्तमान स्थिति पर कटाक्ष करते हुए ट्रंप ने कहा कि बर्लिन इस समय आर्थिक और सामरिक, दोनों ही मोर्चों पर काफी कमजोर स्थिति में है। उन्होंने चांसलर मर्ज के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि अमेरिका के पास युद्ध समाप्त करने की कोई ठोस योजना नहीं है। ट्रंप ने विश्व समुदाय को आश्वस्त किया कि उनकी नीतियां ‘अमेरिका फर्स्ट’ के साथ-साथ ‘ग्लोबल पीस’ के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने तर्क दिया कि उनकी सख्त कार्रवाई ही ईरान जैसे देशों को लक्ष्मण रेखा पार करने से रोकने का एकमात्र प्रभावी जरिया है।
मर्ज की स्वीकारोक्ति: ईरान की चालाकी और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का संकट
दूसरी ओर, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने सोमवार को एक बयान में स्वीकार किया था कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष काफी जटिल मोड़ पर पहुँच चुका है। मर्ज ने दुनिया के सामने यह स्वीकार किया कि पश्चिमी देशों ने शुरुआत में ईरान की सैन्य क्षमता और उसकी कूटनीतिक चालाकी को कम करके आंका था। उन्होंने विशेष रूप से ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंगों का उदाहरण देते हुए चेतावनी दी कि यह न केवल सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति और अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ने की क्षमता रखता है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और भविष्य की रणनीतियां
वर्तमान में ईरान के शक्तिशाली ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स’ (IRGC) की रणनीतियों ने पूरी दुनिया के रक्षा विशेषज्ञों की नींद उड़ा रखी है। ट्रंप का मानना है कि ईरान पर समय रहते लगाम नहीं लगाई गई, तो मिडिल ईस्ट में हथियारों की एक ऐसी दौड़ शुरू हो जाएगी जिसे रोकना नामुमकिन होगा। अब वैश्विक मंच पर यह देखना काफी महत्वपूर्ण होगा कि क्या पश्चिमी देश आपसी मतभेदों को भुलाकर ईरान के खिलाफ कोई एकजुट रणनीति अपनाते हैं या फिर ट्रंप अपने दम पर सैन्य और आर्थिक प्रतिबंधों के जरिए ईरान को झुकाने का प्रयास जारी रखेंगे।
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