Trump on Iran: ‘हमें अपनी पसंद का लीडर चाहिए’; क्या ट्रंप ने ठुकराया ईरान का प्रस्ताव?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच एक बड़ा बयान देकर हलचल मचा दी है। पाकिस्तान के जरिए भेजे गए 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव में ट्रंप ने ऐसी शर्तें रखी हैं जो ईरान के अस्तित्व को चुनौती दे रही हैं। क्या ट्रंप ईरान में अपनी पसंद का नेता बिठाना चाहते हैं?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 26, 2026

Trump on Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बेबाक और चौंकाने वाले बयानों से वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। गुरुवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि कुछ ईरानी नागरिकों ने अनौपचारिक रूप से उन्हें एक बेहद अजीबोगरीब प्रस्ताव दिया था। ट्रंप के अनुसार, उन लोगों ने उनसे कहा, “आप हमारे अगले सुप्रीम लीडर बन जाओ।” इस पर चुटकी लेते हुए ट्रंप ने हंसकर जवाब दिया कि उन्होंने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रंप ने तर्क दिया कि दुनिया का कोई भी स्वाभिमानी देश किसी दूसरे राष्ट्र का सर्वोच्च नेता बनने की इच्छा नहीं रखेगा। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।

अमेरिका की सैन्य बढ़त का दावा: “ईरान को हमने बुरी तरह हराया”

युद्ध के मोर्चे पर अपनी उपलब्धियां गिनाते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने हुंकार भरी कि अमेरिकी सेना ने ईरान को रणनीतिक रूप से गंभीर शिकस्त दी है। उन्होंने कहा, “हम एक ऐसी ऐतिहासिक और विशाल जीत की ओर बढ़ रहे हैं, जिसे दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा।” ट्रंप का मानना है कि ईरान अब अंदरूनी रूप से काफी कमजोर हो चुका है और वह जल्द से जल्द युद्ध खत्म करने के लिए समझौता करना चाहता है। हालांकि, उनके मुताबिक ईरानी नेतृत्व अपने ही देश की जनता के विद्रोह और संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दोहरे डर के कारण खुलकर सामने आने से कतरा रहा है।

15 सूत्रीय अमेरिकी शांति प्रस्ताव: परमाणु कार्यक्रम और हॉर्मुज पर शर्तें

तनाव को कम करने के लिए अमेरिका ने ईरान के सामने एक 15 सूत्रीय व्यापक प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव में अमेरिका की मुख्य मांगें हैं कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम तत्काल और पूर्ण रूप से बंद करे, हिजबुल्लाह जैसे सशस्त्र समूहों को दिया जाने वाला वित्तीय और सैन्य समर्थन खत्म करे, और वैश्विक तेल व्यापार के लिए महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को फिर से खोल दे। ट्रंप ने संकेत दिया कि यदि ईरान इन शर्तों को मानता है, तो युद्ध विराम की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकते हैं।

ईरान का पलटवार: “ट्रंप क्या खुद से ही बातें कर रहे हैं?”

दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिकी दावों और प्रस्तावों को पूरी तरह से अपमानजनक बताते हुए खारिज कर दिया है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “क्या ट्रंप ख्याली दुनिया में रहकर खुद से ही बातें कर रहे हैं? हम उनके साथ न तो अभी और न ही भविष्य में कभी कोई समझौता करेंगे।” ईरान ने अमेरिका के 15 सूत्रों के जवाब में अपना 5 सूत्रीय जवाबी एजेंडा पेश किया है। तेहरान ने स्पष्ट कर दिया है कि युद्ध की समाप्ति केवल उनकी अपनी शर्तों पर होगी, न कि वाशिंगटन के दबाव में। ईरान का यह रुख दर्शाता है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक खाई अभी बहुत गहरी है।

खर्ग द्वीप पर कब्जे की साजिश: ईरानी संसद के स्पीकर की चेतावनी

इस तनावपूर्ण माहौल के बीच ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर गालिबफ ने एक और सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने खुफिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि एक अरब देश, अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के रणनीतिक खर्ग द्वीप (Kharg Island) पर सैन्य कब्जे की योजना बना रहा है। गालिबफ ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में चेतावनी दी कि ईरानी इंटेलिजेंस के पास इस हमले के पुख्ता डेटा मौजूद हैं। उन्होंने पड़ोसी देशों को आगाह करते हुए कहा कि यदि किसी ने भी अमेरिकी हमले में जमीन या मदद मुहैया कराई, तो उस अरब देश को इसके बेहद गंभीर और विनाशकारी परिणाम भुगतने होंगे।