Trump’s China Visit : होर्मुज जलडमरूमध्य पर ट्रंप का बड़ा दावा, क्या शी जिनपिंग देंगे साथ या बढ़ेगा तनाव?

Trump’s China Visit: राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य को हमेशा के लिए खोल रहे हैं और चीन ने ईरान को हथियार न देने का वादा किया है। मई में होने वाली बीजिंग यात्रा से पहले क्या यह ट्रंप का मास्टरस्ट्रोक है या शी जिनपिंग के साथ कोई नया तनाव? जानिए सच।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 16, 2026

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Trump’s China Visit :  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी आगामी बीजिंग यात्रा से ठीक पहले एक बार फिर अपने चिर-परिचित अंदाज में दुनिया का ध्यान खींचा है। ट्रंप ने दावा किया है कि उनके फैसलों से चीन बेहद खुश है, क्योंकि वह अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Hormuz Strait) को स्थायी रूप से खोलने जा रहे हैं। ट्रंप का यह बयान कूटनीतिक हलकों में चीन पर एक तरह का ‘जबरन एहसान’ थोपने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। मई में होने वाली अपनी चीन यात्रा से पहले ट्रंप यह संदेश देना चाहते हैं कि अमेरिका की वैश्विक नीतियों का सबसे बड़ा लाभ चीन को मिल रहा है, जिससे दोनों महाशक्तियों के बीच तनाव कम हो सकता है।

हथियारों की सप्लाई पर डील का दावा: क्या चीन ने दी है ईरान को गारंटी?

ट्रंप ने केवल जलमार्ग खोलने की बात ही नहीं की, बल्कि एक बड़ा रणनीतिक दावा भी किया है। उनके अनुसार, चीन ने अमेरिका को यह गारंटी दी है कि वह ईरान को किसी भी प्रकार के घातक हथियार नहीं भेजेगा। ट्रंप का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित और खुला रखने के बदले चीन ने ईरान को सैन्य सहायता न देने पर सहमति जताई है। हालांकि, बीजिंग की ओर से अभी तक इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप इन बयानों के जरिए मई में होने वाली द्विपक्षीय बैठकों के लिए एक सकारात्मक और लाभप्रद माहौल तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पोस्ट में झलका ट्रंप का अंदाज: ‘शी जिनपिंग मुझे गले लगाएंगे’

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट साझा की, जिसे बाद में व्हाइट हाउस ने भी प्रचारित किया। इस पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, “चीन इस बात से उत्साहित है कि मैं होर्मुज को सबके लिए खोल रहा हूं। ऐसी अस्थिर स्थिति अब दोबारा नहीं आने दी जाएगी।” उन्होंने आगे बड़े ही नाटकीय अंदाज में लिखा, “जब मैं कुछ हफ्तों बाद बीजिंग पहुंचूंगा, तो राष्ट्रपति शी जिनपिंग मुझे एक गर्मजोशी भरा गले (Big Hug) लगाएंगे। हम बहुत समझदारी से साथ काम कर रहे हैं।” हालांकि, उन्होंने अपने संदेश के अंत में अमेरिका की सैन्य ताकत की याद दिलाते हुए चेतावनी भी दी कि “अगर जरूरत पड़ी, तो हम लड़ने में भी किसी से भी बहुत बेहतर हैं।”

आठ साल बाद ट्रंप का चीन दौरा: जो बाइडेन की कोशिशों को आगे बढ़ाएंगे?

व्हाइट हाउस द्वारा जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप 14 और 15 मई को बीजिंग के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। यह पिछले आठ वर्षों में ट्रंप की पहली चीन यात्रा होगी। मूल रूप से यह यात्रा मार्च-अप्रैल के लिए निर्धारित थी, लेकिन ईरान के साथ जारी युद्ध की स्थितियों के कारण इसे स्थगित करना पड़ा था। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी चीन की यात्रा की थी और तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने की कोशिश की थी। अब ट्रंप की यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह ईरान युद्ध के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापारिक मार्गों को सुरक्षित करने का ‘क्रेडिट’ लेकर शी जिनपिंग के सामने बैठेंगे।

होर्मुज जलडमरूमध्य का रणनीतिक महत्व और वैश्विक शांति

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का वह संकरा समुद्री रास्ता है जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक-तिहाई हिस्सा गुजरता है। ईरान के साथ तनाव के कारण इस मार्ग पर अक्सर खतरा मंडराता रहता है। ट्रंप के दावों के बीच, पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वास्तव में अमेरिका और चीन के बीच कोई पर्दे के पीछे की डील (Back-channel diplomacy) हुई है। अगर ट्रंप की योजना सफल होती है और होर्मुज स्थायी रूप से खुल जाता है, तो यह न केवल चीन बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी राहत होगी। लेकिन सवाल अभी भी वही है—क्या चीन वास्तव में ट्रंप की शर्तों पर ईरान से अपने सैन्य संबंध तोड़ेगा? इसका जवाब मई की शिखर वार्ता में ही मिल पाएगा।

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