Royal Protocol : व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप ने तोड़ा शाही प्रोटोकॉल, महारानी कैमिला के साथ व्यवहार पर विवाद

किंग चार्ल्स और महारानी कैमिला की पहली ऐतिहासिक व्हाइट हाउस यात्रा के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने 'अनकहे' शाही प्रोटोकॉल को तोड़ दिया। ट्रंप द्वारा किंग के कंधे को थपथपाने और मेलानिया द्वारा क्वीन को चूमने पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। क्या यह ट्रंप का दोस्ताना अंदाज था या शाही परंपरा का अपमान?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 29, 2026

Royal Protocol :  ब्रिटेन के सम्राट किंग चार्ल्स तृतीय और महारानी कैमिला वर्तमान में संयुक्त राज्य अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर हैं। व्हाइट हाउस में उनके सम्मान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एक ऐसी घटना घटी, जिसने दोनों देशों के राजनयिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। ईरान के साथ बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन को अमेरिका का सबसे भरोसेमंद मित्र बताते हुए उसकी प्रशंसा की, लेकिन इसी बीच एक वायरल वीडियो ने उनके व्यवहार को लेकर विवाद खड़ा कर दिया है। राजकीय शिष्टाचार और कूटनीतिक प्रोटोकॉल के जानकारों का कहना है कि ट्रंप की अनौपचारिक कार्यशैली इस बार शाही मर्यादाओं के आड़े आ गई है।

वायरल वीडियो का सच: मंत्रियों को पीछे छोड़ आगे निकले ट्रंप

सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे लगभग 23 सेकंड के एक वीडियो ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस सहित कई वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी महारानी कैमिला से औपचारिक परिचय के लिए एक कतार में खड़े थे। प्रोटोकॉल के अनुसार, महारानी को एक-एक कर अधिकारियों से हाथ मिलाते हुए आगे बढ़ना था। किंतु, इसी दौरान राष्ट्रपति ट्रंप अचानक कतार के बीच में आ गए और उन्होंने मंत्रियों से मुलाकात के क्रम को बाधित करते हुए सीधे संवाद शुरू कर दिया। इस स्थिति में महारानी कैमिला को कुछ क्षणों के लिए पीछे खड़ा होकर इंतजार करना पड़ा, जिसे कई लोगों ने ब्रिटिश राजशाही का अपमान माना है।

पीठ पर हाथ रखना बना चर्चा का विषय: शाही परंपरा का उल्लंघन?

विवाद केवल कतार तोड़ने तक ही सीमित नहीं रहा। वीडियो के एक अन्य हिस्से में राष्ट्रपति ट्रंप को मुलाकात के दौरान महारानी कैमिला की पीठ पर हाथ रखते हुए देखा गया। ब्रिटिश शाही परंपराओं के अनुसार, सम्राट या महारानी को बिना उनकी अनुमति के स्पर्श करना वर्जित माना जाता है और इसे शिष्टाचार के खिलाफ समझा जाता है। हालांकि ट्रंप के समर्थकों का कहना है कि यह केवल एक मित्रवत व्यवहार था, लेकिन आलोचकों का तर्क है कि राजकीय यात्राओं में ‘पर्सनल स्पेस’ और ऐतिहासिक प्रोटोकॉल का सम्मान करना अनिवार्य होता है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग: ट्रोलर्स और समर्थकों के बीच बहस

इस घटना के सामने आने के बाद अमेरिका और ब्रिटेन, दोनों ही देशों के इंटरनेट उपयोगकर्ता दो धड़ों में बंट गए हैं। एक्स (पूर्व में ट्विटर) और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर लोग इस बात पर आश्चर्य जता रहे हैं कि इतने उच्च स्तरीय आयोजन में ऐसी ‘चूक’ कैसे हो गई। जहां ब्रिटिश नागरिकों का एक वर्ग इसे महारानी के प्रति असम्मानजनक व्यवहार बता रहा है, वहीं ट्रंप के समर्थकों का दावा है कि राष्ट्रपति केवल अपनी स्वाभाविक गर्मजोशी दिखा रहे थे। ट्रोलर्स ने इसे ट्रंप की ‘बुलडोजर कूटनीति’ का हिस्सा करार दिया है, जहाँ वे नियमों से ऊपर खुद को रखते हैं।

राजनयिक शिष्टाचार और भविष्य के संबंध

राजकीय मुलाकातों में प्रतीकों और हावभाव का बड़ा महत्व होता है। हालांकि व्हाइट हाउस या बकिंघम पैलेस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक तीखी टिप्पणी नहीं आई है, लेकिन विशेषज्ञ इसे ट्रंप की ‘अनप्रेडिक्टेबल’ (अनिश्चित) छवि के एक और उदाहरण के रूप में देख रहे हैं। किंग चार्ल्स और महारानी कैमिला की इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सामरिक संबंधों को मजबूत करना था, लेकिन फिलहाल सारा ध्यान इस ‘प्रोटोकॉल ब्रीच’ पर केंद्रित हो गया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह विवाद शांत होता है या ब्रिटेन की ओर से कोई प्रतीकात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिलती है।

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