आईडीएफसी बैंक घोटाले में पंकज अग्रवाल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रहीं

 पंचकूला  हरियाणा के चर्चित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े 657 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में गिरफ्तार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पंकज अग्रवाल की जमानत याचिका पर पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। सीबीआई ने पंकज अग्रवाल की नियमित जमानत याचिका का विरोध किया। जांच एजेंसी ने अदालत में दायर जवाब में आरोप लगाया कि पंकज अग्रवाल घोटाले के मास्टरमाइंड और चंडीगढ़ सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पूर्व अधिकारी रिभव ऋषि के करीबी सहयोगी थे और उनसे आर्थिक और अन्य अनुचित लाभ प्राप्त करते रहे। सीबीआई के अनुसार, 10

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Published On :

जुलाई 31, 2026

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 पंचकूला
 हरियाणा के चर्चित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े 657 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में गिरफ्तार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

पंकज अग्रवाल की जमानत याचिका पर पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। सीबीआई ने पंकज अग्रवाल की नियमित जमानत याचिका का विरोध किया।

जांच एजेंसी ने अदालत में दायर जवाब में आरोप लगाया कि पंकज अग्रवाल घोटाले के मास्टरमाइंड और चंडीगढ़ सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पूर्व अधिकारी रिभव ऋषि के करीबी सहयोगी थे और उनसे आर्थिक और अन्य अनुचित लाभ प्राप्त करते रहे।

सीबीआई के अनुसार, 10 दिसंबर 2024 से 16 जून 2025 तक स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव रहते हुए अग्रवाल ने 17 दिसंबर 2024 को आईडीएफसी फर्स्ट बैंक द्वारा भेजे गए हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (एचएसएसपीपी) का खाता खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

31 दिसंबर 2024 को उन्होंने कोटक महिंद्रा बैंक से 100 करोड़ रुपये इस खाते में स्थानांतरित करने की स्वीकृति भी दी। एजेंसी का दावा है कि यह निर्णय वित्त विभाग के दिशा-निर्देशों के विपरीत था।

न तो सूचीबद्ध बैंकों से प्रतिस्पर्धी प्रस्ताव मंगाए गए और न ही ब्याज दरों की तुलना की गई। बैंक की निवेश सीमा 50 करोड़ रुपये होने के बावजूद 100 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। इसी खाते में बाद में 101 फर्जी डेबिट और 33 फर्जी क्रेडिट लेनदेन के जरिए 50.54 करोड़ रुपये के गबन का आरोप है।

अग्रवाल ने अधिकारियों पर बनाया था दवाब
सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया कि अग्रवाल ने अधीनस्थ अधिकारियों पर फाइल और नोटशीट अपने पक्ष में बदलने का दबाव बनाया। 20 जून 2025 को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएएमबी) के चेयरमैन बनने के बाद उन्होंने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में एक और खाता खुलवाने में हस्तक्षेप किया।

जांच एजेंसी के अनुसार, पहले लंबित पड़े प्रस्ताव को उनके हस्तक्षेप के बाद एक ही दिन में मंजूरी मिली और 10 जुलाई 2025 को हरियाणा मार्केटिंग डेवलपमेंट फंड के नाम से खाता खोल दिया गया। बाद में इसी खाते से 14 जनवरी 2026 को रद चेक का दुरुपयोग कर 10 करोड़ रुपये फर्जी तरीके से निकाल लिए गए।

रिभव को पद से हटाए जाने के बाद भी था संपर्क
सीबीआई ने अदालत को बताया कि जांच में पंकज अग्रवाल और रिभव ऋषि के बीच इस पूरे प्रकरण से जुड़े पूर्व संवाद के साक्ष्य मिले हैं। एजेंसी का दावा है कि अग्रवाल को यह जानकारी थी कि रिभव ऋषि बैंक के पद से हटाए जा चुके थे, इसके बावजूद दोनों के बीच लगातार संपर्क बना रहा।

आरोपों को बताया बेबुनियाद
बचाव पक्ष ने सभी आरोपों से बेबुनियाद बताया। उनका कहना है कि अग्रवाल ने कभी किसी से रिश्वत नहीं मांगी और न ही कोई अवैध लाभ लिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई तीन अगस्त को होगी।

 

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