Diwali Muhurat Trading 2026: दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग में निवेशकों को झटका, 9 साल बाद सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ बंद

दिवाली के शुभ अवसर पर होने वाली मुहूर्त ट्रेडिंग में इस बार शेयर बाजार का रुख निवेशकों को निराश कर गया। करीब नौ साल बाद सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए। बाजार में आई इस कमजोरी ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। आखिर मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान बाजार क्यों फिसला?

Diwali Muhurat Trading

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

नवम्बर 8, 2026

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Diwali Muhurat Trading 2026 : दिवाली के खास अवसर पर आयोजित मुहूर्त ट्रेडिंग 2026 का कारोबारी सत्र समाप्त हो चुका है। इस बार शेयर बाजार ने निवेशकों को चौंका दिया। करीब नौ साल बाद ऐसा मौका आया है, जब दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ बंद हुए। कारोबार की शुरुआत तेजी के साथ हुई थी और शुरुआती मिनटों में बाजार में शानदार उछाल भी देखने को मिला। हालांकि, आखिरी समय में बिकवाली हावी हो गई और दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान पर पहुंच गए। सेंसेक्स में करीब 29 अंकों की गिरावट आई, जबकि निफ्टी 44 अंकों के आसपास टूटकर 25 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बंद हुआ।

नौ साल बाद शेयर बाजार में आई गिरावट

इस साल की मुहूर्त ट्रेडिंग भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक अलग वजह से चर्चा में रही। साल 2017 के बाद पहली बार दिवाली के विशेष कारोबारी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए हैं। इससे पहले 2017 में निफ्टी में लगभग 0.63 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। इसके बाद लगातार कई वर्षों तक मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिला। इस बार भी कारोबार की शुरुआत मजबूत रही, लेकिन अंत में बाजार अपनी शुरुआती बढ़त बरकरार नहीं रख पाया।

सेंसेक्स 29 अंक गिरकर 80,999 पर बंद

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान उतार-चढ़ाव से गुजरता रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 29 अंक यानी 0.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,999.40 अंकों पर बंद हुआ। हालांकि, शुरुआती कारोबार में निवेशकों का उत्साह दिखाई दिया था। सेंसेक्स 81,299.34 अंकों पर खुला और कुछ समय बाद 414 अंकों की तेजी के साथ 81,442.11 अंकों के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। लेकिन बाद में बिकवाली बढ़ने से सेंसेक्स फिसलकर 80,932.42 अंकों के निचले स्तर तक पहुंच गया।

25 हजार के नीचे पहुंचा निफ्टी

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी भी कारोबार के अंत में लाल निशान पर रहा। निफ्टी 43.95 अंक यानी 0.18 प्रतिशत टूटकर 24,986.40 अंकों पर बंद हुआ। कारोबार की शुरुआत में निफ्टी 25,070.45 अंकों पर खुला था। इसके बाद बाजार में खरीदारी बढ़ने से यह 25,131.85 अंकों के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, कारोबार के दौरान आई बिकवाली ने तेजी पर पानी फेर दिया। निफ्टी ने 24,985.30 अंकों का निचला स्तर भी छुआ। इस तरह विशेष कारोबारी सत्र का अंत 25 हजार के नीचे हुआ।

 2017 के बाद पहली बार टूटा बाजार

मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन बाजार में गिरावट का यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि लगभग नौ वर्षों से इस विशेष सत्र में सकारात्मक कारोबार का रुझान बना हुआ था। साल 2017 में निफ्टी करीब 0.63 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ था। इस बार शुरुआत में सेंसेक्स और निफ्टी में एक प्रतिशत तक तेजी आने की उम्मीद दिखाई दे रही थी, लेकिन कारोबार आगे बढ़ने के साथ निवेशकों का रुख बदल गया। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले कारोबारी दिनों में भी शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

इन कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट

मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। बीएसई पर महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंडिगो, ट्रेंट, इंफोसिस, भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस और एचडीएफसी बैंक के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इसके अलावा एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक और टीसीएस के शेयरों में भी कमजोरी दर्ज की गई।

SBI Life, Indigo और Airtel में 1 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट

एनएसई पर एसबीआई लाइफ, इंडिगो और भारती एयरटेल के शेयरों में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली। मैक्स हेल्थ इंफोसिस के शेयर भी नुकसान के साथ बंद हुए। दूसरी तरफ, सन फार्मा के शेयरों में करीब तीन प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इससे साफ है कि बाजार में जहां कई दिग्गज कंपनियों के शेयर दबाव में रहे, वहीं कुछ चुनिंदा शेयरों ने निवेशकों को सकारात्मक रिटर्न दिया।

आने वाले दिनों में कैसा रह सकता है बाजार?

मुहूर्त ट्रेडिंग में आई गिरावट के बाद निवेशकों की नजर अब आगामी कारोबारी सत्रों पर रहेगी। सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआती तेजी का अंत कमजोरी के साथ होना बाजार में बदलते रुझान का संकेत देता है। हालांकि, केवल एक सत्र के आधार पर बाजार की आगे की दिशा तय नहीं की जा सकती। निवेशकों को शेयरों में निवेश से पहले कंपनी के प्रदर्शन, बाजार के रुझान और जोखिम का आकलन करना चाहिए।

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