Tripura Violence: त्रिपुरा में रंगदारी विवाद से हिंसा, माइनॉरिटी इलाकों में झड़प, इंटरनेट बंद, कई घायल

क्या एक मामूली चंदा विवाद त्रिपुरा को सांप्रदायिक आग में झोंक देगा? उनकोटी जिले के कुमारघाट में रंगदारी मांगने को लेकर शुरू हुई बहस ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। भीड़ ने अल्पसंख्यक बस्तियों को निशाना बनाया, दुकानें फूंकीं और कई लोग घायल हो गए। प्रशासन ने जिले में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह ठप कर दी हैं। क्या यह सुनियोजित साजिश थी?

Tripura Violence

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 11, 2026

Tripura Violence: बीजेपी शासित त्रिपुरा में माइनॉरिटी इलाकों में रंगदारी वसूली को लेकर दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। यह घटना उन्कोटी जिले के फटिकराई और आसपास के इलाकों में सामने आई, जहां हालात अचानक बेकाबू हो गए। झड़प के दौरान बड़े पैमाने पर तोड़फोड़, आगजनी और मारपीट की घटनाएं हुईं, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

उन्कोटी इलाके में घर और दुकानें हुईं तबाह

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हिंसा के दौरान कई घरों, दुकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। कुछ असामाजिक तत्वों ने माइनॉरिटी समुदाय के घरों और दुकानों को निशाना बनाते हुए आग लगा दी। घरों के बाहर रखी लकड़ी की दुकानें और घास के ढेर जलकर राख हो गए। इसके अलावा कई गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

पूजा की रंगदारी बना हिंसा की वजह

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह पूरा विवाद पूजा के लिए कथित तौर पर वसूली जा रही फीस को लेकर शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह एक ड्राइवर से पूजा की रंगदारी मांगी गई, लेकिन उसने पैसे देने से इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो धीरे-धीरे हिंसक झड़प में बदल गई। देखते ही देखते दोनों गुट आमने-सामने आ गए और आगजनी व मारपीट शुरू हो गई।

कई लोग घायल, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

हिंसा के दौरान कई निर्दोष ग्रामीण घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। जब हालात काबू से बाहर होने लगे, तो प्रशासन ने तुरंत भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया। TSR, CRPF और असम राइफल्स के जवानों ने इलाके को घेर लिया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा।

ड्रोन से निगरानी, इंटरनेट सेवाएं बंद

स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए ड्रोन कैमरों की मदद से निगरानी की जा रही है। अफवाहों को फैलने से रोकने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उन्कोटी जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। प्रशासन का कहना है कि हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर कड़ी निगरानी जारी है।

धारा 163 और कर्फ्यू लागू

घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे इलाके में धारा 163 लागू कर दी है और कर्फ्यू जैसे हालात बना दिए गए हैं। उन्कोटी के जिला मजिस्ट्रेट तमल मजूमदार और एक्टिंग पुलिस अधीक्षक अविनाश राय ने घटनास्थल का दौरा कर हालात का जायजा लिया। पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।

प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी

प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि घटना को सांप्रदायिक रंग देने या माहौल बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को सख्ती से निपटा जाएगा। एक्टिंग एसपी अविनाश राय ने कहा कि कुछ बदमाशों ने जानबूझकर इलाके में घुसकर आगजनी की। उन्होंने बताया कि अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल

इस पूरी घटना ने त्रिपुरा में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं और शांति बहाली के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

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