Shaukat Molla Arrest : पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए राजनीतिक और कानूनी मोर्चे पर मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। राज्य के अलग-अलग हिस्सों से पार्टी को एक के बाद एक कई बड़े झटके लग रहे हैं। एक तरफ जहां केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए (NIA) ने भांगर बम विस्फोट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए टीएमसी के एक कद्दावर नेता और पूर्व विधायक को अपनी गिरफ्त में ले लिया है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के भीतर मची अंदरूनी कलह और बगावत भी खुलकर सामने आ रही है। कूचबिहार जिले में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं, जहां टीएमसी के कई पार्षदों ने सामूहिक रूप से पार्टी का साथ छोड़कर विपक्ष का दामन थाम लिया है। इन दोनों घटनाओं ने राज्य की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है।
कौन हैं पूर्व विधायक शौकत मोल्ला और क्यों हुई गिरफ्तारी?
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भांगर विस्फोट मामले में मुख्य संदिग्ध और टीएमसी के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को गिरफ्तार कर लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि जांच एजेंसी द्वारा शौकत मोल्ला को ‘फरार’ घोषित किए जाने के महज कुछ ही घंटों के भीतर यह बड़ी कार्रवाई की गई। दरअसल, यह पूरा मामला साउथ 24 परगना जिले के दक्षिण बामुनिया गांव का है, जहां इसी साल 19 मार्च को एक घर में भीषण बम विस्फोट हुआ था। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई थी कि उस चिन्हित स्थान पर कथित तौर पर अवैध रूप से भारी मात्रा में बम बनाए जा रहे थे, जिसमें पूर्व विधायक की संलिप्तता के सबूत मिले हैं।
नाटकीय अंदाज में पकड़े गए शौकत मोल्ला
एनआईए अधिकारियों के अनुसार, शौकत मोल्ला को उस समय हिरासत में लिया गया जब वे कथित तौर पर राज्य से फरार होने की फिराक में थे। जांच एजेंसी इस गिरफ्तारी को मामले की तह तक जाने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कदम मान रही है।
सूत्रों के मुताबिक, शौकत मोल्ला (जिन्हें आगामी चुनावों के लिए भांगर से तृणमूल कांग्रेस का उम्मीदवार भी नामित किया गया था) अपने कुछ सहयोगियों को अलीपुर अदालत में पेश कराने के बाद खुद एनआईए के सामने सरेंडर या पेश होने की योजना बना रहे थे। लेकिन केंद्रीय एजेंसी को उनके चकमा देकर भागने का इनपुट मिला। इसके बाद एनआईए की एक विशेष टीम ने जाल बिछाया और कोलकाता के बाईपास रोड पर बेहद फिल्मी अंदाज में शौकत मोल्ला की गाड़ी को बीच सड़क पर रोककर उन्हें दबोच लिया। फिलहाल एजेंसी उनसे इस ब्लास्ट के पीछे की बड़ी साजिश और अन्य मददगारों के बारे में गहन पूछताछ कर रही है।
कूचबिहार में टीएमसी को करारा झटका
राजनीतिक मोर्चे पर टीएमसी को सबसे बड़ा झटका कूचबिहार जिले से लगा है। यहाँ की मेखलीगंज नगर पालिका के अध्यक्ष प्रभात पाटनी समेत कुल 6 पार्षदों ने एक साथ तृणमूल कांग्रेस को अलविदा कह दिया और कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस सामूहिक दलबदल के बाद स्थानीय निकाय में सत्ता का पूरा संतुलन ही पलट गया है। 9 वार्डों वाली इस मेखलीगंज नगरपालिका में अब तक टीएमसी का एकछत्र राज था, जहां उसके 8 पार्षद थे और भाजपा का केवल 1 पार्षद था। लेकिन अब 6 पार्षदों के पाला बदलने से कांग्रेस रातों-रात बहुमत में आ गई है और उसने टीएमसी के हाथ से इस नगर पालिका की सत्ता पूरी तरह से छीन ली है।
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