Kalyan Banerjee: TMC में महासंग्राम! भतीजे अभिषेक की वजह से ममता का साथ छोड़ देंगे कल्याण बनर्जी?

पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में आंतरिक कलह चरम पर है। वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को अभिषेक बनर्जी और उनके बीच किसी एक को चुनने का अल्टीमेटम दिया है। इस बीच, प्रकाश चिक बाराइक समेत 3 राज्यसभा सांसदों ने इस्तीफा दे दिया है, जिससे पार्टी में हड़कंप मच गया है।

Kalyan Banerjee

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 11, 2026

Kalyan Banerjee: पश्चिम बंगाल चुनाव में करारी शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को अपने ही सबसे भरोसेमंद सहयोगियों से एक के बाद एक बड़े झटके लग रहे हैं। अब ममता के बेहद करीबी माने जाने वाले वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने भी बगावती रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने साफ शब्दों में पार्टी प्रमुख को अल्टीमेटम देते हुए कहा है, “या तो हमें चुनें या तो अभिषेक को।” कल्याण बनर्जी ने ऐलान किया है कि जब तक अभिषेक बनर्जी पार्टी में रहेंगे, तब तक वह टीएमसी का हिस्सा नहीं रहेंगे।

भतीजे पर गंभीर आरोप

कल्याण बनर्जी के इस गुस्से के पीछे हालिया घटनाक्रम है। उन्होंने ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर सीधा और तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि ‘सिग्नेचर फ़ॉर्जरी केस’ (हस्ताक्षर जालसाजी मामले) में उन्हें आखिरी वक्त पर वकील के तौर पर हटा दिया गया। कल्याण ने इसे बेहद “अपमानजनक” बताया है। उन्होंने कहा कि आधी रात को उन्हें केस से हटाए जाने की जानकारी दी गई। उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर अहंकार का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके इसी रवैये के कारण पूरी पार्टी बर्बाद हो गई है। 2022 में भी उन्होंने इस व्यवहार पर सवाल उठाए थे, लेकिन तब उन्हें किसी का साथ नहीं मिला था।

कानूनी मोर्चे पर राहत

इस पूरे राजनीतिक ड्रामे के बीच, कानूनी मोर्चे पर अभिषेक बनर्जी को थोड़ी राहत जरूर मिली है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने आज गुरुवार को सिग्नेचर फ़ॉर्जरी केस में अभिषेक बनर्जी की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। हालांकि, अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें आज ही शाम 6 बजे तक पश्चिम बंगाल की सीआईडी (CID) टीम के सामने पेश होने का निर्देश दिया है। दिलचस्प बात यह है कि इस मामले में कल्याण बनर्जी और उनके बेटे श्रीशान्य बनर्जी कोर्ट में अभिषेक का पक्ष रखने वाले थे, लेकिन इस विवाद के बाद दोनों ने खुद को इस केस से पूरी तरह अलग कर लिया।

ममता के प्रति निष्ठा और CID छापेमारी पर सवाल

अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोलने के बावजूद कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी के प्रति अपनी वफादारी को दोहराया है। उन्होंने कहा, “मैं अभी भी ममता के साथ हूं, लेकिन अब उन्हें फैसला करना होगा।” उन्होंने याद दिलाया कि जब सीआईडी ने कथित सिग्नेचर फ़ॉर्जरी केस के सिलसिले में उनके और ममता बनर्जी के आवास पर छापा मारा था, तब वह वहां मजबूती से खड़े थे। कल्याण ने छापेमारी की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि जांच एजेंसी अपने साथ जो दो गवाह लाई थी, वे सीधे तौर पर भाजपा (BJP) से जुड़े हुए थे।

प्रकाश चिक बाराइक समेत 3 सांसदों ने छोड़ी सदस्यता

तृणमूल कांग्रेस केवल अंदरूनी कलह से ही नहीं, बल्कि इस्तीफों की झड़ी से भी जूझ रही है। पार्टी से अब तक 3 राज्यसभा सांसद इस्तीफा दे चुके हैं। सुखेंदु शेखर रॉय ने 8 जून को और सुष्मिता देव ने 10 जून को इस्तीफा दिया था, वहीं आज 11 जून को प्रकाश चिक बाराइक ने भी राज्यसभा की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया। इन तीन इस्तीफों के बाद राज्यसभा में टीएमसी के सांसदों की संख्या 13 से घटकर केवल 10 रह गई है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि अभी कई और राज्यसभा और लोकसभा सांसद भी इस्तीफा देने की तैयारी में हैं, जिससे ममता बनर्जी की राह और मुश्किल होने वाली है।