BJP Election Spending : बंगाल चुनाव में बीजेपी ने खर्च किए 286.99 करोड़, कांग्रेस के पांच राज्यों से भी ज्यादा

बंगाल चुनाव में बीजेपी ने 286.99 करोड़ रुपये खर्च किए, जो कांग्रेस के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के कुल 248.55 करोड़ रुपये से ज्यादा है। चुनाव आयोग को दी रिपोर्ट में सामने आए इन आंकड़ों ने चुनावी खर्च को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है, जानिए पूरा हिसाब क्या है।

BJP Election Spending

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 24, 2026

BJP Election Spending : निर्वाचन आयोग को राजनीतिक दलों की ओर से सौंपे गए चुनावी खर्च के विवरण से पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर एक अहम तस्वीर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी ने अकेले पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार और उम्मीदवारों से जुड़े खर्च पर 286.99 करोड़ रुपये खर्च किए। यह राशि इस साल हुए पांच विधानसभा चुनावों में कांग्रेस द्वारा किए गए कुल 248.55 करोड़ रुपये के खर्च से भी अधिक है। बंगाल में बीजेपी का मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस से रहा, हालांकि टीएमसी की ओर से दाखिल खर्च का विवरण अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।

बीजेपी ने प्रचार पर खर्च किए 217 करोड़ रुपये

चुनाव आयोग को उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में सामान्य चुनाव प्रचार पर करीब 217.16 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके अलावा पार्टी ने अपने उम्मीदवारों और उनसे जुड़े चुनावी खर्च के लिए 69.83 करोड़ रुपये खर्च किए। इस तरह राज्य में बीजेपी का कुल चुनावी व्यय 286.99 करोड़ रुपये रहा। आंकड़े बताते हैं कि पार्टी के कुल खर्च का बड़ा हिस्सा व्यापक प्रचार अभियान पर लगाया गया।

पांच राज्यों में बीजेपी का कुल खर्च 529 करोड़

असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों को मिलाकर बीजेपी का कुल खर्च 529.38 करोड़ रुपये रहा। इसमें पश्चिम बंगाल की हिस्सेदारी आधे से अधिक रही। पार्टी ने असम में 96.27 करोड़ रुपये, तमिलनाडु में 51.56 करोड़ रुपये और पुडुचेरी में 11.90 करोड़ रुपये खर्च किए। केरल में बीजेपी का चुनावी व्यय 82.67 करोड़ रुपये रहा।

कांग्रेस ने बंगाल में 42 करोड़ रुपये खर्च किए

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने सभी 293 सीटों पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा। हालांकि राज्य की राजनीति में उसका प्रदर्शन सीमित रहा और पार्टी को सिर्फ दो सीटों पर जीत मिली। कांग्रेस के मुताबिक, उसके केंद्रीय मुख्यालय और पश्चिम बंगाल इकाई के माध्यम से राज्य में कुल 42.08 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसमें 12.96 करोड़ रुपये सामान्य प्रचार तथा 29.12 करोड़ रुपये उम्मीदवारों और उनसे जुड़े खर्चों पर लगाए गए।

माकपा का बंगाल में 8.23 करोड़ रुपये खर्च

पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय तक प्रभाव रखने वाली माकपा ने भी चुनाव में हिस्सा लिया। पार्टी ने राज्य की 197 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारे और एक सीट जीतने में सफल रही। चुनाव आयोग को दिए गए विवरण के अनुसार, माकपा की राज्य इकाई ने उम्मीदवारों पर हुए खर्च समेत कुल 8.23 करोड़ रुपये खर्च किए। यह बीजेपी और कांग्रेस के मुकाबले काफी कम था।

केरल में कांग्रेस का खर्च बीजेपी से ज्यादा

केरल विधानसभा चुनाव में खर्च के मामले में तस्वीर पश्चिम बंगाल से अलग रही। कांग्रेस ने अपने केंद्रीय मुख्यालय और राज्य इकाई के माध्यम से कुल 105.34 करोड़ रुपये खर्च किए। यह रकम बीजेपी के 82.67 करोड़ रुपये के खर्च से अधिक रही। कांग्रेस ने केरल में सामान्य प्रचार पर 71.30 करोड़ रुपये, जबकि उम्मीदवारों और संबंधित गतिविधियों पर 34.05 करोड़ रुपये खर्च किए।

केरल में बीजेपी और माकपा का खर्च

बीजेपी ने केरल में सामान्य प्रचार पर 54.93 करोड़ रुपये और उम्मीदवारों से जुड़े खर्च पर 27.74 करोड़ रुपये लगाए। दूसरी ओर, माकपा की राज्य इकाई ने कुल 28.60 करोड़ रुपये खर्च करने की जानकारी दी। इसमें 26.30 करोड़ रुपये सामान्य प्रचार और 2.31 करोड़ रुपये उम्मीदवारों से संबंधित खर्च में शामिल थे।

पांच चुनावों में कांग्रेस का कुल खर्च

असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में कांग्रेस ने मिलाकर 248.55 करोड़ रुपये खर्च किए। पार्टी के अनुसार, इसमें 143 करोड़ रुपये सामान्य प्रचार और 105.55 करोड़ रुपये उम्मीदवारों से जुड़े खर्च पर लगाए गए। निर्वाचन आयोग को दिए गए इन विवरणों से अलग-अलग राज्यों में प्रमुख राजनीतिक दलों के घोषित चुनावी खर्च की तुलना सामने आती है। हालांकि, बंगाल में टीएमसी का खर्च विवरण सार्वजनिक होने के बाद ही राज्य के प्रमुख दलों के कुल चुनावी व्यय की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

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