Tamil Nadu News: तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। चेंगम के पास पक्किरिपालयम गांव में एक किसान और उसकी महिला साथी को उनकी ही झोपड़ी में जिंदा जलाकर मौत के घाट उतार दिया गया। शुक्रवार तड़के जब ग्रामीणों की आँख खुली, तो उन्हें केवल राख का ढेर और दो इंसानी जिंदगियों के जले हुए अवशेष मिले।
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जलती झोपड़ी का खौफनाक मंजर
बताते चले कि, शुक्रवार की सुबह पक्किरिपालयम के खेतों में हवा में फैली तीखी गंध ने ग्रामीणों को अनहोनी का संकेत दिया। जब लोग मौके पर पहुंचे, तो 53 वर्षीय किसान पी. शक्तिवेल और उनकी 40 वर्षीय पार्टनर एस. अमृतम की झोपड़ी राख में तब्दील हो चुकी थी। जांच में पाया गया कि हत्यारों ने जानबूझकर झोपड़ी का दरवाज़ा बाहर से बंद कर दिया था ताकि दोनों बाहर न निकल सकें। आग इतनी भीषण थी कि पीड़ितों को बचने का कोई मौका नहीं मिला और उनकी चीखें सन्नाटे में गुम हो गईं।
चेंगम पुलिस की तफ्तीश और फॉरेंसिक साक्ष्यों का संकलन
आपको बता दे कि, घटना की सूचना मिलते ही चेंगम पुलिस बल मौके पर पहुंचा। शवों की स्थिति इतनी वीभत्स थी कि उनकी पहचान करना भी चुनौतीपूर्ण हो गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक विशेषज्ञों और स्नीफर डॉग की मदद ली है। साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी घटनास्थल पर ही पूरी की गई। पुलिस के अनुसार, शुरुआती साक्ष्य इस ओर इशारा करते हैं कि यह महज दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है।
टूटे रिश्तों के बाद मिली पनाह और साथ जीने का सफर
शक्तिवेल और अमृतम की कहानी संघर्षों से भरी थी। शक्तिवेल तीन साल पहले अपनी पत्नी से अलग हो गए थे, जबकि उनकी पत्नी और तीन बच्चे बेंगलुरु में रहते हैं। वहीं अमृतम भी अपने पति को छोड़कर अकेले रह रही थीं। समाज की परवाह किए बिना, बीते तीन वर्षों से ये दोनों एक-दूसरे का सहारा बने हुए थे। खेत के बीच बनी एक छोटी सी झोपड़ी ही उनका आशियाना थी, जहां वे अपनी एक नई दुनिया बसाने की कोशिश कर रहे थे।
अंतिम मुलाकात और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत
हत्याकांड से चंद घंटे पहले, गुरुवार की रात शक्तिवेल की बेटी अपने पिता से मिलने आई थी। उन्होंने साथ बैठकर भोजन किया और रात करीब 9 बजे वह वापस लौट गई। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह उनकी अंतिम मुलाकात होगी। पुलिस अब उन सभी कड़ियों को जोड़ रही है जो इस जघन्य अपराध की ओर ले जाती हैं। पारिवारिक रंजिश और पूर्व रिश्तों के विवादों को जाँच के मुख्य केंद्र में रखा गया है।
सामाजिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न
चेंगम पुलिस ने इस मामले को ‘संदिग्ध मौत’ की श्रेणी में दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। यह घटना केवल एक अपराध नहीं है, बल्कि उस सामाजिक कट्टरता को भी दर्शाती है जहाँ दो वयस्क व्यक्तियों का साथ रहना कुछ लोगों को स्वीकार नहीं होता। क्या यह ‘ऑनर किलिंग’ का मामला है या इसके पीछे कोई संपत्ति विवाद है, पुलिस हर पहलू को खंगाल रही है। फिलहाल, पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीण दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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