सावन की पहली सोमवारी, पहाड़ी मंदिर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

रांची  सावन की पहली सोमवारी पर राजधानी के प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर में आस्था का महासंगम देखने को मिलेगा। भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए सोमवार तड़के ही मंदिर के पट खोल दिए जाएंगे। विशेष व्यवस्था के तहत मंदिर में रात 3:30 बजे मंगला आरती होगी, जबकि सुबह 4:00 बजे से श्रद्धालुओं के लिए मंदिर खोल दिया जाएगा। श्रावणी सोमवारी के अवसर पर मंदिर का समय सामान्य दिनों से अलग रखा गया है। पहली सोमवारी को हजारों की संख्या में कांवरिये और शिवभक्त गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, दूध और अन्य पूजन सामग्री के साथ बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। हर-हर

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Published On :

अगस्त 2, 2026

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रांची
 सावन की पहली सोमवारी पर राजधानी के प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर में आस्था का महासंगम देखने को मिलेगा। भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए सोमवार तड़के ही मंदिर के पट खोल दिए जाएंगे।

विशेष व्यवस्था के तहत मंदिर में रात 3:30 बजे मंगला आरती होगी, जबकि सुबह 4:00 बजे से श्रद्धालुओं के लिए मंदिर खोल दिया जाएगा। श्रावणी सोमवारी के अवसर पर मंदिर का समय सामान्य दिनों से अलग रखा गया है।

पहली सोमवारी को हजारों की संख्या में कांवरिये और शिवभक्त गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, दूध और अन्य पूजन सामग्री के साथ बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पहाड़ी मंदिर परिसर भक्तिमय रहेगा। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।

श्रावण मास को भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। मान्यता है कि इस माह की सोमवारी पर जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है तथा भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। पहाड़ी मंदिर में श्रावणी सोमवारी के लिए विशेष पूजा-अर्चना और आरती की व्यवस्था की गई है।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में प्रतिदिन 125 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, बैरिकेडिंग और निगरानी की व्यवस्था रहेगी।

वहीं, रांची नगर निगम ने भी श्रावण मास को लेकर पहाड़ी मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया है। नालियों की सफाई, पेयजल, स्वच्छता और श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी की गई हैं। मंदिर से 500 मीटर पहले ही बैरिकेडिंग की है है, कोई भी वाहन प्रवेश नहीं करेगा।

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