योगी सरकार का 100 दिवसीय विशेष सघन टीबी रोगी खोज अभियान, फरवरी से होगा शुरू

योगी सरकार का 100 दिवसीय विशेष सघन टीबी रोगी खोज अभियान फरवरी से जनभागीदारी के लिए सांसद से लेकर पार्षद तक को शामिल करने के दिये निर्देश   बुजर्गों, गंभीर रोगियों व मलिन बस्तियों में टीबी स्क्रीनिंग पर जोर प्राइमरी स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालय तक चलेगा जागरूकता अभियान  लखनऊ योगी सरकार एक बार फिर तपेदिक (टीबी) उन्मूलन के लिए प्रदेश में 100 दिवसीय विशेष सघन रोगी खोज अभियान शुरू करने जा रही है। फरवरी में शुरू हो रहे अभियान में जनप्रतिनिधियों व विभिन्न विभागों के सहयोग से अधिकतम मरीजों को खोजकर उनका इलाज शुरू करने की रणनीति है। स्वास्थ्य महानिदेशक

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Published On :

जनवरी 15, 2026

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योगी सरकार का 100 दिवसीय विशेष सघन टीबी रोगी खोज अभियान फरवरी से

जनभागीदारी के लिए सांसद से लेकर पार्षद तक को शामिल करने के दिये निर्देश
 
बुजर्गों, गंभीर रोगियों व मलिन बस्तियों में टीबी स्क्रीनिंग पर जोर

प्राइमरी स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालय तक चलेगा जागरूकता अभियान 

लखनऊ

योगी सरकार एक बार फिर तपेदिक (टीबी) उन्मूलन के लिए प्रदेश में 100 दिवसीय विशेष सघन रोगी खोज अभियान शुरू करने जा रही है। फरवरी में शुरू हो रहे अभियान में जनप्रतिनिधियों व विभिन्न विभागों के सहयोग से अधिकतम मरीजों को खोजकर उनका इलाज शुरू करने की रणनीति है। स्वास्थ्य महानिदेशक ने सभी अपर निदेशकों व मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने टीबी रोगियों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार हेतु प्रशिक्षित करने के लिए कौशल विकास विभाग को लिखा है। 

सघन खोज अभियान से टीबी से होने वाली मौतों में 17 फीसदी की कमी
स्वास्थ्य सचिव डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि सघन टीबी खोज अभियान 7 दिसंबर 2024 से चलाया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि वर्ष 2015 के सापेक्ष प्रति एक लाख व्यक्तियों में मरीजों की संख्या में 17 प्रतिशत और टीबी के कारण होने वाली मृत्यु में भी 17 फीसदी की कमी आई है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर विभाग ने एक बार फिर से फरवरी में सघन टीबी रोगी खोज अभियान चलाने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य महानिदेशक (डीजी) डॉ. आरपी सिंह सुमन ने जनभागीदारी के महत्व को ध्यान में रखते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस अभियान में जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए।

निबंध और पोस्टर प्रतियोगिता से बच्चों काे किया जाएगा जागरूक
सभी सीएमओ को निर्देश दिया गया है कि दो माह में सांसदों के साथ जनपद स्तरीय समीक्षा करवाएं और उन्हें निःक्षय शिविर व अन्य जनभागीदारी गतिविधियों में शामिल करें। ये समीक्षा बैठकें आगे भी जारी रहेंगी। इसके अलावा विधायकों, विधान परिषद सदस्यों, प्रधानों व पार्षदों को भी अभियान से जोड़ें। अभियान में सामाजिक जन जागरूकता बढ़ाने के लिए 'माई भारत' वालंटियर्स व अन्य पंजीकृत निःक्षय मित्रों का भी उपयोग करें।
डीजी ने सभी कारागारों व मलिन बस्तियों में टीबी स्क्रीनिंग कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्राथमिक स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालयों तक में निबंध, पोस्टर प्रतियोगिता समेत विभिन्न माध्यमों से छात्र-छात्राओं में जागरूकता फैलाने के लिए कहा है। इसके अलावा समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जागरूक करने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि वे टीबी के लक्षण वाले लोगों को स्क्रीनिंग के लिए भेज सकें। परिवहन विभाग से जुड़े समस्त चालकों व कंडक्टरों की स्क्रीनिंग कराने व कारखानों में काम करने वालों की भी शिविर लगाकर जांच करने को कहा गया है। 

यह है अभियान की रणनीति 

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व उससे नीचे की स्वास्थ्य इकाइयों से पांच प्रतिशत और जिला अस्पताल, मेडिकल काॅलेजों से 10 प्रतिशत लोगों को सामान्य ओपीडी से टीबी जांच के लिए रेफर करना। 
 
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से टीबी जांच के लिए सैम्पल ट्रांसपोर्टरों की व्यवस्था कराना। 

बुजुर्गों व गंभीर मरीजों की यथासंभव जांच कराना। 

स्थानीय गैर सरकारी संगठनों, कॉरपोरेट, विभागों, संस्थानों को निःक्षय मित्र के रूप में प्रेरित करना।

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