
Ayodhya Deepotsav : उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या में 10वें दीपोत्सव समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भव्य आयोजन को लेकर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि आज की अयोध्या को देखकर त्रेतायुग की याद ताजा हो रही है। अयोध्या नगरी एक बार फिर अपने प्राचीन वैभव और सांस्कृतिक पहचान के साथ जीवंत होती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम को भारत के आत्मसम्मान और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बताते हुए कहा कि अयोध्या धाम ने अपना खोया हुआ गौरव दोबारा हासिल किया है।
रामभक्तों और संतों के बलिदान को किया याद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में राम मंदिर आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि अयोध्या के वर्तमान स्वरूप के पीछे रामभक्तों और संतों का बड़ा संघर्ष और बलिदान रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था, जब अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलाई जाती थीं, लाठियां बरसाई जाती थीं और उनके साथ अत्याचार किया जाता था। संतों को भी अपमान और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था। योगी ने कहा कि आज उसी अयोध्या में भगवान श्रीराम की भव्यता और धार्मिक आस्था का उत्सव मनाया जा रहा है।
अखिलेश यादव पर योगी आदित्यनाथ का तीखा तंज
दीपोत्सव कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कथाओं और धार्मिक आयोजनों की मर्यादा का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ लोगों को कथा की पवित्रता और परंपरा की समझ नहीं है। जब ऐसे लोग धार्मिक कथाओं में शामिल होते हैं तो उन्हें कथा की मर्यादा का भी ध्यान नहीं रहता और वे उसे मुशायरा समझने लगते हैं।
योगी ने आरोप लगाया कि पहले अयोध्या में धार्मिक गतिविधियों और जय श्रीराम के उद्घोष पर पाबंदियां लगाने जैसा माहौल था। उन्होंने कहा कि आज स्थिति बदल चुकी है। जो लोग पहले भगवान श्रीराम के अस्तित्व को लेकर सवाल उठाते थे और उनके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए वकीलों की फौज खड़ी करते थे, वे भी अब राम के अस्तित्व को स्वीकार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसे अयोध्या और रामभक्तों के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।
राम मंदिर आने से पहले अखिलेश यादव से माफी की मांग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव पर हमला जारी रखते हुए कहा कि जिन लोगों ने रामभक्तों का अपमान किया और संतों के साथ दुर्व्यवहार किया, उन्हें अयोध्या जरूर आना चाहिए, लेकिन आने से पहले अपने पुराने कृत्यों के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रामभक्तों से माफी मांगना और संतों के प्रति सम्मान व्यक्त करना जरूरी है।
योगी के मुताबिक, जिन लोगों के शासनकाल में रामभक्तों पर गोलियां चलाई गईं और संतों पर लाठीचार्ज हुआ, उन्हें अपने अतीत पर आत्ममंथन करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और श्रद्धा का केंद्र है। यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को इसकी धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादा का सम्मान करना चाहिए।
अहंकार पर योगी की चेतावनी, भगवान राम का किया उल्लेख
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के स्वभाव और उनकी कृपा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम अत्यंत सदाचारी, दयालु और सभी का पालन करने वाले हैं। वे सबके प्रति कृपालु हैं और सभी को क्षमा करने की भावना रखते हैं। हालांकि, योगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अहंकार और सत्ता के घमंड को भगवान श्रीराम कभी स्वीकार नहीं करते। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति या सत्ता में अहंकार आ जाता है, तो उसका दंभ समाप्त होने में देर नहीं लगती।
12 दिसंबर को अयोध्या जाएंगे अखिलेश यादव
योगी आदित्यनाथ का यह बयान ऐसे समय आया है, जब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने 12 दिसंबर को अयोध्या जाने का कार्यक्रम घोषित किया है। जानकारी के मुताबिक, अखिलेश यादव इस दौरान सबसे पहले हनुमानगढ़ी पहुंचकर दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वे राम मंदिर में भगवान श्रीराम के दर्शन करेंगे। उनके इस दौरे को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी की ओर से माफी की मांग किए जाने के बाद इस यात्रा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और बढ़ने की संभावना है।
अयोध्या के विकास को लेकर CM योगी ने गिनाईं उपलब्धियां
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव के मंच से अयोध्या में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा माना जाता था कि अयोध्या में हवाई अड्डे का निर्माण संभव नहीं हो पाएगा, लेकिन आज यहां महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मौजूद है। उन्होंने इसे बदलती अयोध्या और विकास की नई तस्वीर बताया।
योगी ने कहा कि अयोध्या अब केवल धार्मिक पर्यटन का केंद्र नहीं रह गई है, बल्कि आधुनिक सुविधाओं और बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ अपनी वैश्विक पहचान बना रही है। सड़क, हवाई संपर्क और पर्यटन सुविधाओं के विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था मिल रही है।
दीपोत्सव के बीच राम मंदिर और सियासत की चर्चा तेज
अयोध्या के 10वें दीपोत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन ने धार्मिक आयोजन के साथ राजनीतिक चर्चा को भी तेज कर दिया है। एक ओर उन्होंने रामभक्तों के संघर्ष, संतों के बलिदान और अयोध्या के विकास को उपलब्धि बताया, वहीं दूसरी ओर अखिलेश यादव से पुराने घटनाक्रमों पर माफी मांगने की मांग उठाई। अब सबकी नजरें 12 दिसंबर को होने वाले अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर टिकी हैं।
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