MP में कुत्तों और मवेशियों का ‘आतंक’ खत्म होगा, स्कूल और अस्पतालों के बाहर बनाई जाएगी ‘किलानुमा’ दीवार

भोपाल  मध्यप्रदेश की गलियों और मुख्य सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रहे आवारा कुत्तों और बेसहारा मवेशियों के खिलाफ मोहन सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा 'डेथ वारंट' जारी कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट की फटकार और जनता के बढ़ते आक्रोश के बीच नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने एक ऐसी एसओपी (SOP) तैयार की है, जो शहरों की तस्वीर बदल देगी। अब आवारा जानवरों का खुलेआम घूमना बीते दिनों की बात होगी। खूनी आंकड़ों ने हिलाया प्रशासन: 6 महीने, 14 हजार शिकार प्रदेश के छह बड़े शहरों—भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और रतलाम को पूरी तरह 'रैबीज मुक्त'

Wrriten By :

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Published On :

जनवरी 14, 2026

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भोपाल
 मध्यप्रदेश की गलियों और मुख्य सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रहे आवारा कुत्तों और बेसहारा मवेशियों के खिलाफ मोहन सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा 'डेथ वारंट' जारी कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट की फटकार और जनता के बढ़ते आक्रोश के बीच नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने एक ऐसी एसओपी (SOP) तैयार की है, जो शहरों की तस्वीर बदल देगी। अब आवारा जानवरों का खुलेआम घूमना बीते दिनों की बात होगी।

खूनी आंकड़ों ने हिलाया प्रशासन: 6 महीने, 14 हजार शिकार
प्रदेश के छह बड़े शहरों—भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और रतलाम को पूरी तरह 'रैबीज मुक्त' करने का महाभियान शुरू हो रहा है। यह फैसला बेवजह नहीं है; साल 2025 के शुरुआती छह महीनों में ही इन शहरों में 13,947 निर्दोष लोग खूंखार कुत्तों का शिकार बन चुके हैं।

किलानुमा बाउंड्रीवाल से सुरक्षित होंगे सार्वजनिक स्थल
नई एसओपी के तहत अब स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील इलाकों के चारों ओर ऊंची बाउंड्रीवाल खड़ी की जाएगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इन 'सेफ जोन' में एक भी कुत्ता या मवेशी नजर नहीं आना चाहिए। स्थानीय निकायों को आदेश दिए गए हैं कि वे उन 'हॉटस्पॉट्स' को तुरंत चिह्नित करें जहां कुत्तों का आतंक सबसे ज्यादा है।

बनेगा आश्रय, मवेशियों पर भी होगा कड़ा पहरा
सड़कों पर यमराज की तरह घूमने वाले बेसहारा मवेशियों को अब गौशालाओं और शेल्टर होम्स का रास्ता दिखाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य साफ है: आम आदमी की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा और बेसहारा जानवरों को भी व्यवस्थित ठिकाना मिलेगा।

 

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