रैनीवेल प्रोजेक्ट से खेतों में दरारें और फसलों को हो रहा नुक्सान

फरीदाबाद. फरीदाबाद के डूंगरपुर गांव में खेतों के समीप लगाए गए रैनीवेल (Ranney Well) प्रोजेक्ट को लेकर किसानों में भारी रोष देखने को मिला। किसानों का आरोप है कि रैनीवेल लगने के बाद उनके खेतों में लंबी-लंबी दरारें आ गई हैं, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच रहा है और जमीन की उर्वरता पर भी असर पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, रैनीवेल के संचालन के बाद से जमी न का जलस्तर तेजी से नीचे गया है, जिसके कारण खेतों की मिट्टी सूखकर फटने लगी है। कई किसानों ने अपने खेतों में आई दरारों को दिखाते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी

Wrriten By :

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Published On :

फ़रवरी 24, 2026

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फरीदाबाद.

फरीदाबाद के डूंगरपुर गांव में खेतों के समीप लगाए गए रैनीवेल (Ranney Well) प्रोजेक्ट को लेकर किसानों में भारी रोष देखने को मिला। किसानों का आरोप है कि रैनीवेल लगने के बाद उनके खेतों में लंबी-लंबी दरारें आ गई हैं, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच रहा है और जमीन की उर्वरता पर भी असर पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, रैनीवेल के संचालन के बाद से जमी न का जलस्तर तेजी से नीचे गया है, जिसके कारण खेतों की मिट्टी सूखकर फटने लगी है। कई किसानों ने अपने खेतों में आई दरारों को दिखाते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में खेती करना मुश्किल हो जाएगा।
गांव के किसानों ने मौके पर एकत्र होकर रैनीवेल के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक रैनीवेल को बंद नहीं किया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि विशेषज्ञों की टीम भेजकर जमीन की जांच कराई जाए और यदि रैनीवेल से नुकसान साबित होता है तो इसे तुरंत बंद किया जाए।

किसानों का कहना है कि खेती ही उनका एकमात्र सहारा है और अगर खेत ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो उनका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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