बिहार में नए बालू घाटों की बंदोबस्ती का रास्ता साफ, Supplementary DSR से तेजी से शामिल होंगे नए निक्षेप

 पटना बिहार में बालू घाटों की बंदोबस्ती को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए जिलों में नई जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (DSR) तैयार की जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर बालू घाटों की बंदोबस्ती पांच वर्ष के लिए करने की तैयारी है। नई डीएसआर में जिलों के बालू भंडार, खनन योग्य क्षेत्र और नए विकसित हुए बालू निक्षेपों (डिपाजिट) का आकलन किया जाएगा। मंत्री की बैठक में लिया गया फैसला खान व भूतत्व मंत्री डाॅ. प्रमोद कुमार के स्तर पर हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अब तक डीएसआर में बदलाव को

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Published On :

सितम्बर 8, 2026

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 पटना
बिहार में बालू घाटों की बंदोबस्ती को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए जिलों में नई जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (DSR) तैयार की जाएगी।

इसी रिपोर्ट के आधार पर बालू घाटों की बंदोबस्ती पांच वर्ष के लिए करने की तैयारी है। नई डीएसआर में जिलों के बालू भंडार, खनन योग्य क्षेत्र और नए विकसित हुए बालू निक्षेपों (डिपाजिट) का आकलन किया जाएगा।

मंत्री की बैठक में लिया गया फैसला
खान व भूतत्व मंत्री डाॅ. प्रमोद कुमार के स्तर पर हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अब तक डीएसआर में बदलाव को लेकर बड़ी सीमा थी।

प्रावधान था जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट में पांच वर्ष में केवल एक बार संशोधन किया जा सकता था। ऐसे में यदि डीएसआर तैयार होने के बाद किसी नदी में नया बालू निक्षेप सामने आता था, तो उसे बालू घाट के रूप में रिपोर्ट में शामिल करने का अवसर सीमित हो जाता था।

इस समस्या के समाधान के लिए खान एवं भूतत्व विभाग ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार के साथ समन्वय किया।

नए घाट की बंदोबस्ती की प्रक्रिया में आएगी तेजी
विभाग के प्रयास के बाद केंद्र सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर नए बालू निक्षेपों को सप्लीमेंट्री, एडेंडम डीएसआर के माध्यम से मूल जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट में शामिल करने का प्रावधान कर दिया है।

इससे अब पांच साल की अवधि के दौरान भी यदि किसी जिले में बालू का नया निक्षेप मिलता है, तो उसे अलग से सप्लीमेंट्री या एडेंडम डीएसआर के माध्यम से शामिल किया जा सकेगा।

इसके बाद नियमानुसार उस स्थल को बालू घाट के रूप में विकसित कर बंदोबस्ती की प्रक्रिया में लाया जा सकेगा। इसी व्यवस्था के आधार पर नीलामी की प्रक्रिया प्रारंभ होगी।

 

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