विद्यार्थियों का समग्र हित ही हमारी प्राथमिकता है: तकनीकी शिक्षा मंत्री परमार

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय स्थित सभाकक्ष में इंदौर के प्रतिष्ठित तकनीकी शिक्षा संस्थान,  गोविंदराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (SGSITS) एसजीएसआईटीएस, इंदौर की "शासी निकाय (Board Of Governance) की 129वीं" बैठक हुई। मंत्री  परमार ने प्रस्तावित कार्यसूची के विभिन्न बिंदुओं पर व्यापक चर्चा कर, शासन के नियमों का पालन करते हुए क्रियान्वयन के दिशा-निर्देश दिए। तकनीकी शिक्षा मंत्री  परमार ने कहा कि संस्थान, अपने उत्तरोत्तर उत्थान एवं समग्र विकास के लिए, आदर्श व्यवस्था बनाए जिससे अन्य संस्थान भी अभिप्रेरित हों। मंत्री  परमार ने कहा कि हमारी प्राथमिकता,

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Published On :

मई 5, 2026

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भोपाल 

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय स्थित सभाकक्ष में इंदौर के प्रतिष्ठित तकनीकी शिक्षा संस्थान,  गोविंदराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (SGSITS) एसजीएसआईटीएस, इंदौर की "शासी निकाय (Board Of Governance) की 129वीं" बैठक हुई। मंत्री  परमार ने प्रस्तावित कार्यसूची के विभिन्न बिंदुओं पर व्यापक चर्चा कर, शासन के नियमों का पालन करते हुए क्रियान्वयन के दिशा-निर्देश दिए।

तकनीकी शिक्षा मंत्री  परमार ने कहा कि संस्थान, अपने उत्तरोत्तर उत्थान एवं समग्र विकास के लिए, आदर्श व्यवस्था बनाए जिससे अन्य संस्थान भी अभिप्रेरित हों। मंत्री  परमार ने कहा कि हमारी प्राथमिकता, विद्यार्थियों का समग्र हित है।  परमार ने कहा कि संस्थान में शिक्षकों के रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया शासन के नियमों के अनुरूप रोस्टर का पालन करते हुए सुनिश्चित की जाए और यह प्रक्रिया पूर्णरूपेण पारदर्शी हो।

बैठक में संस्थान के शासी निकाय की 128वीं बैठक का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। शासी निकाय द्वारा संस्थान में "अटल वित्तीय सहायता योजना" प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया, इसमें 2025 एवं उसके उपरांत प्रवेश पाने वाले सभी विद्यार्थियों (डिप्लोमा द्वारा द्वितीय वर्ष में प्रविष्ट व्यक्ति सहित) प्रत्येक वर्ष 1.00 करोड़ की आनुपातिक आर्थिक सहायता विद्यार्थियो को प्रदान की जाएगी। संस्थान द्वारा शुरू किए जा रहे नवीन बी टेक (सिविल इंजीनियरिंग) हिन्दी माध्यम प्रोग्राम में प्रवेश लेने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को फाइनल ईयर में पहुंचने पर 2 लाख रुपए की वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया गया। संस्थान में दो नवीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, "इंटीग्रेटेड हेल्थ केयर" एवं "स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजीस" की स्थापना का अनुमोदन भी किया गया।

बैठक में संस्थान में शिक्षकों के रिक्त पद पूर्ति, प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की नियुक्ति, एआईसीटीई गाइडलाइन में अपेक्षित छात्र-शिक्षक अनुपात के अनुसार सेल्फ फाइनेंस मोड में शिक्षकों के पद सृजन एवं गैर शिक्षकीय अधिकारी-कर्मचारी पद पूर्ति सहित संस्थान के शैक्षणिक एवं अकादमिक उन्नयन और विद्यार्थियों के समग्र हितों से जुड़े विविध विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भोपाल के कार्यवाहक कुलगुरु डॉ एस सी चौबे, 'प्रतिनिधि प्रमुख सचिव' तकनीकी शिक्षा डॉ संतोष गांधी, 'प्रतिनिधि आयुक्त तकनीकी शिक्षा' डॉ मोहन सेन, उद्योग प्रतिनिधि इंजी मनीष गुप्ता, पद्म डॉ. डी.बी. फाटक (आईआईटी बॉम्बे),  गोविंदराम सेकसरिया चेरिटेबल ट्रस्ट के सदस्य  हर्ष सेकसरिया, वित्त सचिव के प्रतिनिधि एवं एसजीएसआईटीएस इंदौर के निदेशक प्रो. नीतेश पुरोहित सहित तकनीकी शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण और संस्थान की शासी निकाय के विभिन्न सदस्यगण उपस्थित थे।

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