4.62 करोड़ की टैक्स मांग! आयकर विभाग ने इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया को थमाया नोटिस

नई दिल्ली आयकर विभाग ने आयकर अधिनियम 1961 की धारा 156 के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए भारतीय घुड़सवारी महासंघ (ईएफआई) को पहली बार 4.62 करोड़ रुपये का मांग नोटिस जारी किया है। आधिकारिक दस्तावेजों में यह जानकारी दी गई है। ईएफआई को नौ फरवरी, 2026 के नोटिस में कहा गया है कि इस खेल महासंघ को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 4,62,18,102 रुपये की राशि भुगतान करनी होगी। ईएफआई के चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा महासंघ के पदाधिकारियों को लिखे गए पत्र के अनुसार, कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करना और उन्हें आयकर विभाग के समक्ष पेश करना जरूरी था। इस

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फ़रवरी 12, 2026

नई दिल्ली
आयकर विभाग ने आयकर अधिनियम 1961 की धारा 156 के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए भारतीय घुड़सवारी महासंघ (ईएफआई) को पहली बार 4.62 करोड़ रुपये का मांग नोटिस जारी किया है। आधिकारिक दस्तावेजों में यह जानकारी दी गई है।

ईएफआई को नौ फरवरी, 2026 के नोटिस में कहा गया है कि इस खेल महासंघ को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 4,62,18,102 रुपये की राशि भुगतान करनी होगी। ईएफआई के चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा महासंघ के पदाधिकारियों को लिखे गए पत्र के अनुसार, कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करना और उन्हें आयकर विभाग के समक्ष पेश करना जरूरी था।

इस मामले के संबंध में एक अंतिम संचय प्रमाण पत्र भी तैयार किया गया है, लेकिन ईएफआई के महासचिव कर्नल जयवीर सिंह ने बताया कि ईएफआई कार्यकारी समिति ने दस्तावेज तैयार करने में देरी की जिससे उसे इस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘कार्यकारी समिति के सभी सदस्यों द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित यह संचय प्रमाण पत्र आयकर विभाग के पास जमा करना जरूरी था। इस दस्तावेज़ को प्रस्तुत न करने के कारण यह पत्र जारी किया गया है। आयकर नियमों के प्रासंगिक प्रावधानों के अनुसार महासंघ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।’’

‘संचय प्रमाणपत्र’ से तात्पर्य आम तौर पर उस दस्तावेज़ से है जिसे कोई संगठन चालू वर्ष में कर लगाए बिना भविष्य में उपयोग के लिए आय अलग रखने के लिए दाखिल करता है।

ईएफआई सूत्रों ने यह भी कहा कि कर्नल जगत सिंह के नेतृत्व वाले महासंघ ने अधिनियम की धारा 11 से संबंधित प्रावधानों के तहत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड से अनुमोदन हासिल नहीं किया था, जो कुछ विदेशी लेन देन से जुड़े मामलों में जरूरी होता है।

ईएफआई अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी निकाय से संबद्ध होने के कारण राष्ट्रीय खेल महासंघ के रूप में संबद्धता शुल्क, भागीदारी राशि और संबंधित अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के लिए विदेशों में धन भेजता है।

नोटिस में कहा गया है कि निर्धारित अवधि के भीतर भुगतान न करने पर अधिनियम की धारा 220(2) के तहत प्रत्येक माह एक प्रतिशत की दर से साधारण ब्याज लगेगा।

विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि भुगतान न करने पर धारा 221 के तहत दंडात्मक कार्यवाही की जा सकती है जो सुनवाई का अवसर प्रदान करने के बाद बकाया कर की राशि तक हो सकती है।

यदि बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत वसूली की कार्यवाही भी शुरू की जा सकती है। ईएफआई युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, भारतीय ओलंपिक संघ और अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी निकाय से संबद्ध है।

 

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