The Great Khali: ग्रेट खली का बड़ा आरोप, तहसीलदार पर फर्जी दस्तावेज और जमीन घोटाले का दावा

इंटरनेशनल रेसलर द ग्रेट खली ने हिमाचल प्रदेश के नाहन में एक तहसीलदार पर जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। खली का कहना है कि उनकी पुश्तैनी और खरीदी गई जमीन के रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की गई है। क्या यह कोई बड़ा भू-माफिया नेक्सस है? जानिए पूरी कहानी।

The Great Khali

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 20, 2026

The Great Khali: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध पहलवान ग्रेट खली उर्फ दिलीप सिंह राणा ने हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खली ने आरोप लगाया कि पांवटा साहिब में तैनात तहसीलदार द्वारा जमीनों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है। इस मामले को लेकर खली ने सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पिता द्वारा खरीदी गई जमीन को बताया गया फर्जी

ग्रेट खली के अनुसार, उनके पिता ने करीब 12 साल पहले पांवटा साहिब के सूरतपुर गांव में एक महिला से 16 बीघा भूमि खरीदी थी। इस जमीन की खरीद से जुड़े सभी वैध दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। बावजूद इसके, संबंधित तहसीलदार ने इस जमीन को किसी अन्य व्यक्ति की बताते हुए खली के दस्तावेजों को गलत करार दिया है।खली का कहना है कि वर्षों पुरानी रजिस्ट्री और राजस्व रिकॉर्ड होने के बावजूद उन्हें अपनी ही जमीन से बेदखल करने की कोशिश की जा रही है, जो बेहद चिंताजनक है।

तहसीलदार और SDM पर मिलीभगत का आरोप

शिमला में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ग्रेट खली ने तहसीलदार के साथ-साथ पांवटा साहिब के एसडीएम पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए। खली ने दावा किया कि दोनों अधिकारी मिलकर लोगों को उनकी जमीनों से बेदखल कर रहे हैं।उनका कहना है कि राजस्व विभाग के अधिकारी खुद को कानून और संविधान से ऊपर समझ रहे हैं और बिना ठोस आधार के लोगों की जमीनें किसी और के नाम दर्ज कर दी जा रही हैं।

सैकड़ों लोग बताए गए पीड़ित

ग्रेट खली ने दावा किया कि इस कथित जमीन घोटाले में केवल उनका परिवार ही नहीं, बल्कि पांवटा साहिब क्षेत्र के लगभग 100 लोग प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग कई वर्षों से इन जमीनों पर रह रहे हैं और अपनी आजीविका चला रहे हैं, लेकिन अब उन्हें भूमिहीन किया जा रहा है।खली के अनुसार, पीड़ितों के पास जमीन से जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं, फिर भी तहसीलदार उन्हें “एक्स पार्टी” घोषित कर या जमीन को कहीं और की बताकर खाली कराया जा रहा है।

करोड़ों की संपत्ति पर भी उठे सवाल

ग्रेट खली ने प्रेस वार्ता में यह भी आरोप लगाया कि संबंधित तहसीलदार ने बहुत कम समय में करोड़ों रुपये की संपत्ति बना ली है, जिसकी जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह संपत्ति सरकारी सेवा में रहते हुए कैसे अर्जित की गई, इसका जवाब जनता को मिलना चाहिए।खली का कहना है कि यह पूरा मामला बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है।

मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा

ग्रेट खली ने बताया कि उन्होंने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात के लिए समय मांगा है। वे मुख्यमंत्री के समक्ष पूरे मामले को दस्तावेजों सहित रखने और निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग करेंगे।खली ने उम्मीद जताई कि सरकार इस गंभीर मामले को गंभीरता से लेगी और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए सख्त कदम उठाएगी।

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