UP Politics: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को खिलाड़ियों और कलाकारों को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो खिलाड़ियों और कलाकारों को सम्मान के तौर पर 21 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। अखिलेश यादव ने कहा कि खेल और प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए उनकी पार्टी आने वाले घोषणापत्र में इससे जुड़े फैसलों को शामिल करेगी। इस घोषणा की रिपोर्ट रविवार को सामने आई है।
खेल बजट और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव का दावा

बताते चले कि, अखिलेश यादव ने कहा कि खेलों को लेकर हुई बैठकों में जिन मुद्दों और फैसलों पर चर्चा हुई है, उन्हें आगामी मेनिफेस्टो का हिस्सा बनाया जाएगा। उनके मुताबिक प्रदेश में खेलों के लिए जितना बजट होना चाहिए, उतना उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने पर स्पोर्ट्स के पूरे स्ट्रक्चर में बदलाव किया जाएगा और गांवों से प्रतिभाओं को तलाशकर उन्हें आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री के खेल वाले बयान पर अखिलेश का तंज
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के बास्केटबॉल खेलने से जुड़े एक वीडियो का जिक्र करते हुए सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि वीडियो में मुख्यमंत्री बास्केटबॉल खेलते नजर आ रहे थे, लेकिन गेंद लक्ष्य तक नहीं पहुंच रही थी। इसी संदर्भ में उन्होंने बुलडोजर का जिक्र करते हुए राजनीतिक व्यंग्य किया। अखिलेश ने कहा कि खिलाड़ियों के साथ “खेल” नहीं होने दिया जाएगा और खेल प्रतिभाओं के लिए बेहतर व्यवस्था बनाई जाएगी।
रवि किशन के वायरल वीडियो पर अखिलेश यादव का पलटवार

गोरखपुर में भारी बारिश के बाद जलभराव को लेकर भाजपा सांसद रवि किशन और भाजपा पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी के बीच फोन पर हुई कथित बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक, पार्षद ने जलभराव और जलनिकासी की समस्या का मुद्दा उठाया, जिस पर बातचीत के दौरान रवि किशन ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली है।
अखिलेश यादव ने भोजपुरी में दिया जवाब
रवि किशन के वायरल वीडियो के संदर्भ में अखिलेश यादव ने भी भोजपुरी में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मेंबर बनी अब त सरकार बनी।” इसके साथ ही उन्होंने गोरखपुर में जलभराव और स्थानीय स्तर पर सामने आ रहे विवाद को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने जिन गांवों को गोद लिया था, उन्हें बाद में “अनाथ” छोड़ दिया।
गोरखपुर मॉडल को लेकर अखिलेश यादव का हमला
अखिलेश यादव ने गोरखपुर के विकास का मुद्दा उठाते हुए सैफई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सैफई को लेकर भाजपा नेता अक्सर सवाल उठाते हैं, लेकिन उन्हें अपने क्षेत्र में उससे बेहतर काम करने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी गांव को गोद लेने के बाद उसे अनाथ नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के अपने गांव और शहर के विकास को लेकर भी सवाल उठाया और कहा कि अगर अपने क्षेत्र में काम नहीं हो पा रहा है तो पूरे प्रदेश से क्या उम्मीद की जा सकती है। यह बयान गोरखपुर में जलभराव को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच आया है।
चुनाव आयोग पर अखिलेश यादव के गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2017 में समाजवादी पार्टी ने इस बात पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम करेगा। उन्होंने दावा किया कि उस समय सपा के वोट काटे गए। हालांकि, ये अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में नहीं प्रस्तुत किया जा सकता।

अखिलेश ने 2024 के चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस बार अधिक जागरूक थी, जिसके चलते सपा सांसदों को जीत मिली। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ जगहों पर लोगों को वोट देने से रोकने के लिए रिवॉल्वर तक तानने की बात सामने आई।
नोएडा में वोट चोरी के दावे पर भी बोले अखिलेश
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि उन्होंने सुना है कि नोएडा में “वोट चोरी” हो रही है। इस बयान के जरिए उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताओं को सामने रखा। इन दावों पर संबंधित चुनाव अधिकारियों या अन्य आधिकारिक संस्थाओं की प्रतिक्रिया अलग से महत्वपूर्ण होगी। अखिलेश यादव के रविवार के बयान में एक साथ खेल नीति, खिलाड़ियों-कलाकारों के लिए सम्मान राशि, गोरखपुर जलभराव, रवि किशन का वायरल वीडियो और चुनाव आयोग जैसे कई राजनीतिक मुद्दे सामने आए। ऐसे में उनके बयान को आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की राजनीतिक तैयारियों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।










