ड्रोन विवाद के बाद बढ़ा तनाव, अमेरिका ने ईरान पर किए ताबड़तोड़ हमले

तेहरान  ईरान के अमेरिकी MQ-1 प्रीडेटर ड्रोन को मार गिराने के बाद यूएस ने ईरान में रडार और ड्रोन कंट्रोल सेंटर पर बड़ा हमला किया है। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए की खबर के अनुसार, ईरान के अर्द्धसैन्य बल 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' ने एक बयान में बताया कि अमेरिकी बलों ने एक द्वीप पर दूरसंचार टावर को निशाना बनाया। इससे पहले कुवैत ने बताया था कि ईरान की ओर से हमला किया गया है। अमेरिका ने कहा कि आत्मरक्षा के लिए उसने गुरुक और ईरान के केश्म आइलैंड पर बमबारी की है। होर्मुज वाले द्वीप पर भी हमला बता दें कि अमेरिका

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Published On :

जून 1, 2026

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तेहरान 
ईरान के अमेरिकी MQ-1 प्रीडेटर ड्रोन को मार गिराने के बाद यूएस ने ईरान में रडार और ड्रोन कंट्रोल सेंटर पर बड़ा हमला किया है। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए की खबर के अनुसार, ईरान के अर्द्धसैन्य बल 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' ने एक बयान में बताया कि अमेरिकी बलों ने एक द्वीप पर दूरसंचार टावर को निशाना बनाया। इससे पहले कुवैत ने बताया था कि ईरान की ओर से हमला किया गया है। अमेरिका ने कहा कि आत्मरक्षा के लिए उसने गुरुक और ईरान के केश्म आइलैंड पर बमबारी की है।

होर्मुज वाले द्वीप पर भी हमला
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच औपचारिक रूप से युद्धविराम है। हालांकि कई बार ऐसा हुआ है कि अमेरिका और ईरान दोनों की तरफ से युद्धविराम का उल्लंघन किया गया है। ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका होर्मुज के सिरिक आइलैंड पर हमला करन के लिए कुवैत के एयरबेस का इस्तेमाल कर रहा था। इसीलिए इस एयरबेस को टारगेट किया गया है।

ईरान ने फिर खोल दिए मिसाइल अड्डे
एक रिपोर्ट में कहा गया है कि रिपेयरिंग का काम पूरा होने के बाद ईरान ने एक बार फिर अपने मिसाइल अड्डे खोल दिए हैं। सुरंगों में बनाए गए इन अड्डों को सुरक्षित बनाने के लिए एंट्री को सील कर दिया गया है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक सैटलाइट इमेजरी से पता चला है कि जिन 69 ठिकानों पर अमेरिका ने हमला किया था उनमें से करीब 50 को फिर से खोला जा चुका है और मेंटिनेंस का काम पूरा हो चुका है।

रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने बुलडोजर और ट्रक का इस्तेमाल करके सारा मलबा साफ कर दिया है और सड़कों को भी दुरुस्त कर दिया गया है। इसके बाद अब ईरान एक बार फिर लॉन्ग रेंज मिसाइल अटैक करने की स्थिति में है। बताया गया कि लगभग सात हफ्ते पहले हुए सीजफायर के बाद ही ईरान ने अपने मिसाइल ठिकानों को रिकवर करने का मिशन शुरू कर दिया था।

कहां अटकी है समझौते की बात
सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा संशोधित मसौदा कई बार मध्यस्थों के माध्यम से ईरान को भेजा गया है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान की अगुवाई में मध्यस्थता की जा रही है। हालांकि अमेरिकी संशोधनों को "महत्वपूर्ण" बताया गया है, लेकिन उनके विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं और ईरान ने भी अभी औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

फारस की खाड़ी में तनाव के बावजूद ईरान ने कहा है कि पिछले 24 घंटों में 28 वाणिज्यिक जहाज, जिनमें तेल टैंकर और मालवाहक पोत शामिल हैं, उसकी अनुमति से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे। वहीं दक्षिण पार्स गैस क्षेत्र के कुछ प्लेटफॉर्मों पर उत्पादन आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है। आर्थिक मोर्चे पर भी ईरान दबाव में है। खबरों के अनुसार, खुजेस्तान प्रांत में मजदूरों और पेंशनभोगियों ने वेतन, पेंशन और बढ़ती महंगाई को लेकर प्रदर्शन किया।

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