किरायेदार और मकान मालिक ध्यान दें: चंडीगढ़ में रेंट एग्रीमेंट जरूरी

चंडीगढ़  केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासनिक और विनियामक ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में गृह मंत्रालय (MHA) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, एक ऐतिहासिक निर्णय के तहत, केंद्र सरकार ने पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 की धारा 87 का उपयोग करते हुए पड़ोसी राज्यों के पांच प्रमुख कानूनों को चंडीगढ़ में विस्तारित कर दिया है।  इन सुधारों का प्राथमिक उद्देश्य शहर में 'ईज ऑफ लिविंग' और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देना है, जिससे वर्षों से चले आ रहे पुराने और अप्रासंगिक कानूनी प्रावधानों का अंत होगा. इन बदलावों में सबसे प्रमुख 'असम किराएदारी अधिनियम, 2021' को

Wrriten By :

Editor

Published On :

मई 8, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

चंडीगढ़ 

केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासनिक और विनियामक ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में गृह मंत्रालय (MHA) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, एक ऐतिहासिक निर्णय के तहत, केंद्र सरकार ने पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 की धारा 87 का उपयोग करते हुए पड़ोसी राज्यों के पांच प्रमुख कानूनों को चंडीगढ़ में विस्तारित कर दिया है। 

इन सुधारों का प्राथमिक उद्देश्य शहर में 'ईज ऑफ लिविंग' और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देना है, जिससे वर्षों से चले आ रहे पुराने और अप्रासंगिक कानूनी प्रावधानों का अंत होगा. इन बदलावों में सबसे प्रमुख 'असम किराएदारी अधिनियम, 2021' को अपनाना है, जिसने आजादी से पहले के 1949 के कानून की जगह ली है. अब चंडीगढ़ में रेंट एग्रीमेंट अनिवार्य होंगे और किरायेदारों को बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की सुरक्षा मिलेगी, जिसे मकान मालिक किसी भी विवाद की स्थिति में काट नहीं सकेगा. यह नया ढांचा न केवल पारदर्शी है, बल्कि विवादों के समयबद्ध निपटारे का भी वादा करता है। 

प्रशासनिक सुधारों की यह कड़ी केवल किराएदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा और पारदर्शिता के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को भी छूती है, चंडीगढ़ में अब 'पंजाब मानव तस्करी रोकथाम अधिनियम' लागू हो गया है, जो विशेष रूप से उन 'डंकी रूट्स' और धोखाधड़ी करने वाले ट्रैवल एजेंटों पर नकेल कसेगा जो युवाओं को विदेश भेजने के नाम पर ठगते हैं. साथ ही, चंडीगढ़ नगर निगम की सिफारिश पर 1986 के पुराने दिल्ली फायर सेफ्टी नियमों को हटाकर 'हरियाणा फायर एंड इमरजेंसी सर्विस एक्ट, 2022' को अपनाया गया है। 

इससे अस्पतालों और ऊंची इमारतों के लिए फायर एनओसी (NOC) प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल होगी और सुरक्षा मानकों में सुधार होगा. इसके अतिरिक्त, संपत्ति के सही मूल्यांकन के लिए स्टैम्प ड्यूटी कानूनों में संशोधन और ग्रामीण क्षेत्रों के मालिकाना हक को औपचारिक रूप देने के लिए नए भूमि रिकॉर्ड कानून लागू किए गए हैं. सामूहिक रूप से, ये सभी उपाय चंडीगढ़ में एक जवाबदेह, आधुनिक और नागरिक-केंद्रित शासन की नई नींव रखेंगे। 

Leave a Comment

2