Telangana Horror: तेलंगाना के कामरेड्डी जिले से एक बेहद चिंताजनक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे राज्य में पशु कल्याण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, जिले में लगभग 300 आवारा कुत्तों को बेरहमी से मार दिया गया। यह सामूहिक हत्या 6, 7 और 8 जनवरी 2026 को मात्र तीन दिनों के भीतर अंजाम दी गई। घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर दिया, बल्कि पशु अधिकार कार्यकर्ताओं में भी भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
गांव के जनप्रतिनिधियों पर लगे गंभीर आरोप
इस मामले में आरोप है कि कुछ गांवों के सरपंचों, सचिवों और स्थानीय व्यक्तियों ने मिलकर इस अमानवीय कृत्य को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि इन आवारा कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन देकर मारा गया और बाद में गांवों के बाहर जमीन में दफना दिया गया। यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह पशु संरक्षण कानूनों और मानवीय मूल्यों का खुला उल्लंघन माना जाएगा, जिस पर सख्त कार्रवाई आवश्यक है।
पशु कल्याण कार्यकर्ता ने दर्ज कराई शिकायत
घटना की जानकारी मिलते ही स्ट्रे एनिमल फ़ाउंडेशन ऑफ इंडिया के क्रूरता निवारण प्रबंधक अदुलापुरम गौतम तुरंत हरकत में आए। उन्होंने शायंपेटा पुलिस स्टेशन पहुंचकर मामले की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। गौतम की शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज की और जांच शुरू कर दी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आवारा कुत्तों की इस तरह हत्या करना पूरी तरह गैरकानूनी और अमानवीय है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री का हस्तक्षेप और निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए एक पूर्व केंद्रीय मंत्री ने भी इसमें हस्तक्षेप किया। उन्होंने संबंधित सर्कल इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर से बातचीत कर उन्हें सख्त निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि केवल FIR दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मृत जानवरों का पोस्टमॉर्टम भी कानून के अनुसार कराया जाना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिल सके।
ABC ही एकमात्र वैज्ञानिक और मानवीय समाधान
अदुलापुरम गौतम ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने का एकमात्र वैज्ञानिक और मानवीय तरीका एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) है। उन्होंने बताया कि ABC नियम 2023 को सही ढंग से लागू न किए जाने और स्थानीय निकायों की लापरवाही के कारण ही यह स्थिति पैदा हुई है। गैरकानूनी हत्याएं किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकतीं।
बड़े पैमाने पर नसबंदी और टीकाकरण की मांग
गौतम ने राज्य सरकार से अपील की कि वे तुरंत बड़े पैमाने पर नसबंदी और एंटी-रेबीज़ टीकाकरण कार्यक्रम शुरू करें। उन्होंने कहा कि कामरेड्डी जिले के मच्चारेड्डी पुलिस स्टेशन क्षेत्र में 300 से 500 आवारा कुत्तों की हत्या की सूचना मिली है। पांच गांवों के सरपंचों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया जारी है।
पुलिस जांच जारी, कार्रवाई की उम्मीद
पुलिस ने पुष्टि की है कि यह मामला प्रिवेंशन ऑफ एनिमल क्रूएलिटी एक्ट का गंभीर उल्लंघन है। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि यह मामला एक मिसाल बनेगा और भविष्य में इस तरह की क्रूर घटनाओं पर रोक लगेगी।
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