Tej Pratap Yadav: बिहार की राजनीति में अपने बेबाक और अक्सर विवादित बयानों के लिए जाने जाने वाले तेज प्रताप यादव ने एक बार फिर सियासी गलियारे में हलचल पैदा कर दी है। जनशक्ति जनता दल के संस्थापक और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाते हुए उन्हें ‘सत्ता का लालची’ करार दिया है। इस बयान के बाद कांग्रेस खेमे में भारी नाराजगी देखी जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने तेज प्रताप की मानसिक स्थिति पर ही सवाल उठा दिए हैं।
राहुल गांधी पर तेज प्रताप की तीखी बयानबाजी
बताते चले कि, बिहार सरकार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने राहुल गांधी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के भीतर अब धीरे-धीरे कुर्सी का मोह समाता जा रहा है। तेज प्रताप ने तंज कसते हुए कहा, “वो दूसरे राज्य के होकर बिहार की गद्दी पर बैठने का सपना देख रहे हैं।” उन्होंने राहुल गांधी की हालिया गतिविधियों जैसे बिना हेलमेट बाइक चलाना और डीजे पर गाने बजवाने जैसी बातों को ‘नाचने-गाने’ का शौक बताया और सुझाव दिया कि उन्हें अब हॉलीवुड में जाकर अपनी किस्मत आज़मानी चाहिए।
कांग्रेस नेतृत्व पर तेज प्रताप का सुझाव
जब प्रियंका गांधी को इंडिया ब्लॉक (I.N.D.I.A. Alliance) का चेहरा बनाए जाने की अटकलों पर सवाल पूछा गया, तो तेज प्रताप ने स्पष्ट रूप से प्रियंका गांधी वाड्रा का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के बस की बात अब कांग्रेस चलाना नहीं रह गया है। तेज प्रताप के अनुसार, “कांग्रेस को केवल प्रियंका गांधी ही संभाल सकती हैं, बाकी सब लोगों ने देख लिया है कि महागठबंधन का प्रदर्शन कैसा रहा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार की राजनीति और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस को मजबूती देने के लिए नेतृत्व परिवर्तन अनिवार्य है।
उदित राज का पलटवार
तेज प्रताप यादव के इस विवादित बयान पर कांग्रेस पार्टी ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। कांग्रेस नेता उदित राज ने इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप यादव को सीधे तौर पर ‘पागल आदमी’ कह दिया। उदित राज ने कहा, “यह पार्टी का आंतरिक मामला है, लेकिन यह आदमी (तेज प्रताप) पूरी तरह से अपरिपक्व है। इसे कोई गंभीरता से नहीं लेता है।” उन्होंने आगे कहा कि तेज प्रताप को दूसरों को नसीहत देने से पहले अपनी राजनीतिक स्थिति और खुद की पार्टी को संभालना चाहिए।
इंडिया गठबंधन में दरार?
तेज प्रताप के इन बयानों ने बिहार और दिल्ली की राजनीति में सियासी घमासान (Political Turmoil) तेज कर दिया है। जहाँ एक ओर विपक्षी दल ‘इंडिया गठबंधन’ के तहत एकजुट होने का दावा कर रहे हैं, वहीं सहयोगी दलों के भीतर से उठ रही इस तरह की आवाजें गठबंधन की स्थिरता पर सवालिया निशान लगाती हैं। उदित राज के बयान ने यह साफ कर दिया है कि कांग्रेस अपने शीर्ष नेतृत्व पर किसी भी तरह का व्यक्तिगत हमला बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
बिहार चुनाव से पहले बदल रहे राजनीतिक समीकरण
आगामी चुनावों को देखते हुए नेताओं के बीच वाकयुद्ध (War of Words) का स्तर गिरता जा रहा है। तेज प्रताप यादव का राहुल गांधी को निशाना बनाना और कांग्रेस का उन्हें ‘पागल’ करार देना, यह दर्शाता है कि भविष्य में बिहार में महागठबंधन के भीतर तालमेल बिठाना एक बड़ी चुनौती होगी। फिलहाल, इस जुबानी जंग ने सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक की राजनीति को गर्मा दिया है।









