Bihar Politics: बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य की सियासत में हलचल मचा दी है। लंबे समय से अपने ही खेमे के कुछ लोगों को ‘जयचंद’ संबोधित करने वाले तेज प्रताप ने आखिरकार उन चेहरों को बेनकाब कर दिया है, जिन्हें वे अपनी छवि खराब करने और परिवार में दरार पैदा करने का दोषी मानते हैं।
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तेज प्रताप की ‘ब्लैक लिस्ट’ में शामिल ये 5 नाम
तेज प्रताप यादव ने अपनी राजनीतिक और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए पांच प्रमुख व्यक्तियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उनकी इस सूची में सबसे ऊपर आरजेडी के पूर्व विधायक मुकेश रोशन का नाम है। इसके अलावा, उन्होंने तेजस्वी यादव के करीबी राज्यसभा सांसद संजय यादव, सहयोगी रमीज, पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव और एमएलसी सुनील सिंह को ‘जयचंद’ करार दिया। तेज प्रताप का आरोप है कि यह समूह पिछले काफी समय से उन्हें अपनों से दूर करने और उन्हें बदनाम करने के लिए एक सुनियोजित सिंडिकेट चला रहा है।
आरजेडी के पूर्व विधायक पर संगीन इल्जाम
प्रेस वार्ता के दौरान तेज प्रताप सबसे ज्यादा आक्रामक मुकेश रोशन पर नजर आए। उन्होंने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी हत्या की साजिश रची जा रही है और इसके सूत्रधार मुकेश रोशन हैं। तेज प्रताप ने दावा किया कि उनके खिलाफ एक गिरोह काम कर रहा है जिसका संचालन पूर्व विधायक कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मकर संक्रांति के अवसर पर जब लालू प्रसाद यादव उन्हें आशीर्वाद देने आए, तो यह बात इन विरोधियों को चुभने लगी और साजिशें और तेज कर दी गईं।
पितृत्व के दावों पर कड़ा रुख
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर तेज प्रताप के पिता बनने की खबरों और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बधाई ट्वीट ने काफी सुर्खियां बटोरी थी। इस पर सफाई देते हुए तेज प्रताप ने स्पष्ट किया कि वे किसी बेटी के पिता नहीं बने हैं। उन्होंने कहा कि अनुष्का यादव के साथ उनकी तस्वीरों को गलत तरीके से प्रसारित करना उनकी छवि बिगाड़ने की साजिश है। तेज प्रताप ने दोहराया कि उनका सोशल मीडिया (X) हैंडल हैक किया गया था और उन पर यह रिश्ता जबरन थोपा जा रहा है।
पारिवारिक निष्कासन का दर्द
तेज प्रताप ने भावुक होते हुए कहा कि इन्हीं साजिशों के कारण उनके पिता लालू प्रसाद यादव ने उन्हें छह साल के लिए पार्टी और परिवार से दूर कर दिया था। उन्होंने ‘आलोक गुर्जर’ और ‘अनुष्का’ के बीच संबंधों की जांच की मांग उठाते हुए कहा कि इन कड़ियों को जोड़कर ही सच सामने आएगा। उनके अनुसार, यह पूरा विवाद उन्हें राजनीतिक रूप से हाशिए पर धकेलने के लिए रचा गया था।
विरोधियों के खिलाफ कानूनी जंग का ऐलान
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में तेज प्रताप यादव ने स्पष्ट कर दिया कि वे अब चुप बैठने वाले नहीं हैं। उन्होंने इन सभी पांचों व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और अदालत का दरवाजा खटखटाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा, “सच्चाई को दबाया जा सकता है लेकिन मिटाया नहीं जा सकता।” तेज प्रताप के इस सख्त रुख ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति और आरजेडी के भीतर का अंतर्कलह एक नया मोड़ लेने वाला है।










