Tamil Nadu: तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में रविवार को एक बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। कट्टानारपट्टी स्थित ‘वनजा पटाखा फैक्ट्री’ में हुए जोरदार धमाके ने न केवल कारखाने को खंडहर में तब्दील कर दिया, बल्कि 18 परिवारों के चिराग भी बुझा दिए। प्रशासन और बचाव दल मौके पर राहत कार्यों में जुटे हुए हैं।
कट्टानारपट्टी पटाखा इकाई में विस्फोट
विरुधुनगर के पास गोविंदनाल्लूर निवासी मुथु मानिकम की ‘वनजा पटाखा फैक्ट्री’ में रविवार को उस समय चीख-पुकार मच गई, जब एक जोरदार धमाका हुआ। यह विस्फोट वैध लाइसेंस प्राप्त फैक्ट्री में हुआ, जहां 30 से अधिक कमरों का निर्माण किया गया था। हादसे के वक्त करीब 30 कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना शक्तिशाली था कि कारखाने के कम से कम चार कमरे पूरी तरह जमींदोज हो गए। अब तक 18 श्रमिकों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई अन्य मलबे में दबे होने की आशंका है।
अग्निशमन विभाग का रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और बचाव दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक फैक्ट्री का एक बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील हो चुका था। बचाव कर्मियों ने मलबे के नीचे फंसे लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान शुरू किया। पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्रीनाथ स्वयं मौके पर उपस्थित रहकर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की त्वरित प्रतिक्रिया
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस दर्दनाक फैक्ट्री दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं। सीएम ने तत्काल कदम उठाते हुए मंत्री केकेएसएसआर रामचंद्रन और थंगम थेन्नारासु को घटनास्थल पर पहुँचने और प्रभावित परिवारों को सांत्वना देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर को भी आदेश दिया है कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए और घायलों को सर्वोत्तम उपचार प्रदान किया जाए।
राष्ट्रपति और PM मोदी ने व्यक्त की गहरी संवेदनाएं
इस भीषण हादसे की गूंज दिल्ली तक सुनाई दी। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पटाखा कारखाने की त्रासदी को अत्यंत पीड़ादायक बताया। पीएम मोदी ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया है। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा इस आपदा में जान गंवाने वालों के लिए अनुग्रह राशि (Ex-gratia) की घोषणा की भी उम्मीद की जा रही है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी
प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि ज्वलनशील पदार्थों और बारूद के भंडारण में हुई चूक की वजह से यह विस्फोट हुआ होगा। हालांकि, फैक्ट्री के पास वैध आरडीओ (RDO) लाइसेंस था, फिर भी सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है जो विस्फोट के वास्तविक कारणों का पता लगाएगी। यह घटना एक बार फिर पटाखा निर्माण इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा और सख्त निगरानी की आवश्यकता पर सवाल खड़े करती है।









