Tamil Nadu: अमोनिया गैस लीक से मचा हड़कंप, तमिलनाडु की सीफूड यूनिट में 7 महिलाओं की मौत

तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में एक सीफूड एक्सपोर्ट फैक्ट्री में जहरीली अमोनिया गैस लीक होने से भीषण हादसा हो गया।

Tamil Nadu

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 21, 2026

Tamil Nadu: तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले से एक बेहद दर्दनाक और बड़ी औद्योगिक दुर्घटना की खबर सामने आई है। रविवार को यहाँ पेरियापालयम के समीप कन्निगाइपैर गांव में स्थित ‘सेंट पीटर्स पॉल सीफूड्स एक्सपोर्ट्स’ नामक एक झींगा (सीफूड) प्रोसेसिंग और निर्यात इकाई में अचानक अमोनिया गैस का भारी रिसाव हो गया। जहरीली गैस की चपेट में आने के कारण फैक्ट्री में काम कर रही सात महिला श्रमिकों की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि 65 से अधिक अन्य कर्मचारी फैक्टरी के भीतर ही बेहोश हो गए। इस आकस्मिक हादसे के बाद पूरी औद्योगिक इकाई और आस-पास के इलाके में हड़कंप मच गया है।

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एनडीआरएफ की विशेष सीबीआरएन (CBRN) टीम ने संभाला मोर्चा; राहत कार्य जारी

घटना की भयावहता और रासायनिक रिसाव की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए। अरक्कोनम स्थित राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की चौथी बटालियन को तत्काल अलर्ट मोड पर डाला गया। इसके बाद, रासायनिक और गैस आपदाओं से निपटने में माहिर एनडीआरएफ के 30 कमांडोज की एक विशेष टीम को आधुनिक जीवन रक्षक उपकरणों के साथ चेन्नई से घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

घटनास्थल पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम ने पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE) किट और गैस डिटेक्शन उपकरणों की मदद से प्रभावित क्षेत्र में प्रवेश किया। रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु (CBRN) आपदा प्रबंधन के विशेष उपकरणों के जरिए गैस के मुख्य सोर्स को प्लग करने और रिसाव को पूरी तरह नियंत्रित करने के प्रयास युद्धस्तर पर जारी हैं। प्रभावित क्षेत्र से बेहोश हुए श्रमिकों को रेस्क्यू कर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ कई की हालत गंभीर बनी हुई है।

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने दिए जांच के आदेश; 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट

इस दुखद औद्योगिक हादसे पर कड़ा रुख अपनाते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष समिति के गठन का निर्देश दिया है। इस उच्चाधिकार प्राप्त समिति में राज्य के ‘औद्योगिक सुरक्षा और स्वास्थ्य निदेशक’, ‘प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव’ और ‘सार्वजनिक स्वास्थ्य के अतिरिक्त निदेशक’ को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने समिति को निर्देश दिया है कि वे हादसे के तकनीकी और सुरक्षा कारणों का पता लगाकर अगले 24 घंटे के भीतर अपनी अंतरिम रिपोर्ट और तीन दिनों के भीतर विस्तृत अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपें।

इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने तिरुवल्लूर जिले के प्रभारी मंत्री और वरिष्ठ निगरानी अधिकारी डॉ. केपी कार्तिकेयन को तुरंत मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया। जिला कलेक्टर और स्थानीय प्रशासन को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि वे प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक व चिकित्सा सहायता पहुंचाएं और घायलों के इलाज में कोई कोताही न बरती जाए।

राज्यपाल अर्लेकर ने व्यक्त की गहरी संवेदना

तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने भी इस दुर्भाग्यपूर्ण रासायनिक दुर्घटना पर गहरा शोक प्रकट किया है। राजभवन की ओर से ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर जारी एक आधिकारिक संदेश में राज्यपाल ने कहा, “तिरुवल्लूर जिले के पेरियापालयम के पास कनिगईपैर गांव में एक झींगा प्रोसेसिंग फैक्टरी में अमोनिया गैस रिसाव की दुखद घटना से मुझे गहरा आघात पहुंचा है। इस हादसे में कई बहुमूल्य जीवन असमय समाप्त हो गए और कई कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। अपने प्रियजनों को खोने वाले शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं अस्पताल में उपचाराधीन सभी श्रमिकों के शीघ्र और पूर्ण स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूँ।”

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