Tamil Nadu News: तमिलनाडु की सियसत में इन दिनों जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिल रही है। सीएम जोसेफ विजय ने एक चौकाने वाले घटनाक्रम में अपने नवनियुक्त ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) और विख्यात ज्योतिषी रिकी राधन पंडित को पद से मुक्त कर दिया है। गौरतलब है कि सीएम विजय ने मंगलवार को ही उन्हें इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया था, लेकिन गठबंधन के साथियों के भारी विरोध और दबाव के चलते महज 24 घंटे के भीतर ही इस नियुक्ति को रद्द करने का आदेश जारी कर दिया गया। यह निर्णय राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि रिकी राधन पंडित को मुख्यमंत्री का बेहद करीबी और भरोसेमंद माना जाता रहा है।
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नियुक्ति रद्द करने का आधिकारिक आदेश
सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि रिकी राधन पंडित को मुख्यमंत्री के ओएसडी के रूप में नियुक्त करने वाले पिछले आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त (Cancel) किया जाता है। इस फैसले के पीछे की मुख्य वजह सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) का कड़ा विरोध बताया जा रहा है। जैसे ही एक ज्योतिषी की नियुक्ति प्रशासनिक पद पर हुई, वामपंथी दलों ने इसे ‘अंधविश्वास को बढ़ावा’ देने वाला कदम करार दिया। गठबंधन के साथियों ने तर्क दिया कि एक आधुनिक लोकतांत्रिक सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां वैज्ञानिक सोच और प्रशासनिक अनुभव के आधार पर होनी चाहिए, न कि ज्योतिष के आधार पर। अंततः, गठबंधन की एकता को बनाए रखने के लिए सीएम विजय को अपना कदम पीछे खींचना पड़ा।
शपथ का मुहूर्त और विजय की भविष्यवाणी
रिकी राधन पंडित केवल एक ओएसडी ही नहीं थे, बल्कि विजय की राजनीतिक यात्रा के मार्गदर्शक के रूप में देखे जा रहे थे। उन्होंने ही विधानसभा चुनावों से काफी पहले यह भविष्यवाणी की थी कि विजय राज्य के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। इतना ही नहीं, जब तमिलनाडु के राज्यपाल के साथ लंबी खींचतान के बाद विजय को सरकार बनाने का न्यौता मिला, तब शपथ ग्रहण का शुभ मुहूर्त भी रिकी राधन पंडित ने ही निकाला था। शुरुआत में उन्होंने 10 मई की दोपहर 3:45 बजे का समय तय किया था, लेकिन ग्रहों की चाल और गणना का हवाला देते हुए बाद में इसे बदलकर सुबह 10 बजे कर दिया गया था। विजय की जीत और सत्ता तक पहुँचने में राधन पंडित की ज्योतिषीय सलाह की बड़ी भूमिका मानी जाती है।
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जयललिता से लेकर बड़े सियासी दिग्गजों तक
तमिलनाडु में रिकी राधन पंडित की पहचान केवल एक ज्योतिषी की नहीं, बल्कि एक विख्यात आध्यात्मिक गुरु के रूप में है। उनका राजनीतिक प्रभाव दशकों पुराना है। बताया जाता है कि तमिलनाडु की पूर्व दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता भी अपने जीवन और राजनीति के बड़े निर्णय लेने से पहले रिकी राधन पंडित से परामर्श लिया करती थीं। न केवल जयललिता, बल्कि राज्य की कई अन्य बड़ी सियासी हस्तियां भी अपने चुनाव प्रचार और निजी निर्णयों में उनकी सलाह को सर्वोच्च प्राथमिकता देती हैं। रिकी राधन पंडित सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लाखों लोगों को ज्योतिषीय और आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
प्रशासनिक अनुभव बनाम ज्योतिष: मुख्यमंत्री के सामने नई चुनौती
इस पूरे विवाद ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है कि क्या व्यक्तिगत विश्वास को प्रशासनिक निर्णयों में स्थान मिलना चाहिए? विपक्ष और गठबंधन के सहयोगियों का मानना है कि ओएसडी जैसा पद उन अधिकारियों के लिए होना चाहिए जो कानून और सरकारी नीतियों के ज्ञाता हों। हालांकि, मुख्यमंत्री विजय ने इस बर्खास्तगी के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे गठबंधन धर्म का पालन करने और प्रगतिशील सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं। अब देखना यह होगा कि रिकी राधन पंडित की विदाई के बाद मुख्यमंत्री अपने प्रशासनिक कार्यों के लिए किस नए सलाहकार का चुनाव करते हैं और क्या वे भविष्य में भी ज्योतिषीय सलाह को अपनी व्यक्तिगत दिनचर्या का हिस्सा बनाए रखते हैं।










