Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद राज्य की राजनीति में भारी तनाव फैल गया है। इस घटना ने चुनावी नतीजों के बाद पहले से चल रही राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है। घटना के बाद शुभेंदु अधिकारी ने इसे बेहद दुखद और योजनाबद्ध हमला बताया। उन्होंने कहा कि यह हत्या अचानक नहीं हुई, बल्कि पूरी तरह से पहले से तैयार साजिश का हिस्सा लगती है। अधिकारी के अनुसार, हमलावरों ने कई दिनों तक रेकी की और उसके बाद इस वारदात को अंजाम दिया।
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शुभेंदु अधिकारी का तीखा बयान
घटना के बाद मीडिया से बातचीत में शुभेंदु अधिकारी ने गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उनके सहयोगी चंद्रनाथ रथ की बेरहमी से हत्या की गई है, जिसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम है। हालांकि उन्होंने लोगों से अपील भी की कि वे कानून अपने हाथ में न लें। साथ ही उन्होंने बताया कि इस मामले की जानकारी राज्य के डीजीपी को दी गई है, जिन्होंने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
शुभेंदु अधिकारी ने यह भी दावा किया कि सिर्फ यही घटना नहीं है, बल्कि भाजपा के अन्य कार्यकर्ताओं पर भी हमले हुए हैं। उन्होंने बताया कि बशीरहाट में एक कार्यकर्ता को गोली मारी गई, जबकि बारानगर में एक अन्य कार्यकर्ता पर चाकू से हमला किया गया।
हमले को बताया गया सुनियोजित साजिश
भाजपा नेताओं का आरोप है कि यह हमला पूरी तरह से योजनाबद्ध था। उनके अनुसार, हमलावरों ने दो से तीन दिनों तक रेकी की और फिर टारगेट करके चंद्रनाथ रथ पर हमला किया। बताया जा रहा है कि हमला उस समय हुआ जब वे कार से यात्रा कर रहे थे। बाइक सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी को रोका और बेहद करीब से गोली मार दी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। भाजपा नेताओं का कहना है कि हमलावरों का उद्देश्य सिर्फ चंद्रनाथ रथ को निशाना बनाना था, जबकि ड्राइवर को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया।
पुलिस जांच और शुरुआती कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, घटना में इस्तेमाल की गई गाड़ी को जब्त कर लिया गया है। मौके से कुछ खाली खोखे और जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि गाड़ी की नंबर प्लेट में छेड़छाड़ की गई थी, जिससे हमलावरों की पहचान मुश्किल हो सके। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
टीएमसी और अन्य प्रतिक्रियाएं
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इस हत्या की निंदा करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। पार्टी ने साथ ही न्यायिक निगरानी में सीबीआई जांच की मांग भी की है। टीएमसी का कहना है कि राजनीतिक हिंसा किसी भी लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के बाद हुई हिंसा में उनके कार्यकर्ताओं की भी जान गई है।










