West Bengal Election Results : शुभेंदु अधिकारी का बड़ा आरोप, मतगणना में संविदा कर्मचारियों पर उठाए सवाल

पश्चिम बंगाल चुनाव की मतगणना से पहले नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि मतगणना में संविदा और अस्थायी कर्मचारियों को लगाया गया है। शुभेंदु का कहना है कि ये कर्मचारी राजनीतिक दबाव में आकर डेटा लीक कर सकते हैं। क्या इन आरोपों से काउंटिंग प्रक्रिया पर संकट आएगा?

West Bengal Election Results

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 3, 2026

West Bengal Election Results : शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कई स्क्रीनशॉट साझा करते हुए सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने बताया कि मतगणना ड्यूटी में लगे अधिकारी अपनी तैनाती, स्थान, पद और जिम्मेदारी से जुड़ी बेहद संवेदनशील जानकारी विभिन्न विभागीय संगठनों और एसोसिएशनों के साथ साझा कर रहे हैं। बीजेपी नेता ने दावा किया कि डिजिटल स्प्रेडशीट और सूचियां प्रसारित की जा रही हैं, जिनमें अधिकारी स्वेच्छा से या किसी अदृश्य दबाव में आकर अपनी चुनावी ड्यूटी का पूरा विवरण दर्ज कर रहे हैं। यह सीधे तौर पर चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है, क्योंकि मतगणना अधिकारियों की तैनाती अंतिम समय तक गोपनीय रखी जानी चाहिए।

निष्पक्षता पर संकट: राजनीतिक संगठनों द्वारा दबाव बनाने की आशंका

शुभेंदु अधिकारी का तर्क है कि यदि किसी अधिकारी की ड्यूटी की जानकारी ऐसे संगठनों या एसोसिएशनों तक पहुँचती है जिनका झुकाव सत्ताधारी दल या किसी विशेष विचारधारा की ओर है, तो इससे पूरी मतगणना प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। उन्होंने आशंका जताई कि इस जानकारी का उपयोग अधिकारियों पर मानसिक दबाव बनाने या उन्हें प्रलोभन देने के लिए किया जा सकता है। नेता विपक्ष के अनुसार, मतगणना की निष्पक्षता पूरी तरह से अधिकारियों की रैंडम तैनाती और उसकी गोपनीयता पर टिकी होती है। यदि यह गोपनीयता भंग होती है, तो चुनाव परिणामों की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग जाएगा और जनता का लोकतांत्रिक प्रक्रिया से भरोसा उठ सकता है।

विशिष्ट संगठनों की भूमिका पर सवाल और संभावित गड़बड़ी का अंदेशा

अधिकारी ने विशेष रूप से उन संगठनों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं जो इस तरह का डेटा इकट्ठा कर रहे हैं। उन्होंने अंदेशा जताया कि कुछ खास संगठन मतगणना केंद्रों के भीतर किसी विशेष राजनीतिक दल को अनुचित लाभ पहुँचाने के लिए एक सुनियोजित साजिश के तहत यह जानकारी जुटा रहे हैं। उनका मानना है कि यदि काउंटिंग हॉल के भीतर अधिकारियों की पहचान पहले से उजागर हो जाती है, तो उनके माध्यम से वोटों की गिनती में हेरफेर या अवैध हस्तक्षेप की संभावना बढ़ जाती है। यह बंगाल जैसे संवेदनशील राज्य में चुनावी हिंसा और धांधली के इतिहास को देखते हुए और भी चिंताजनक हो जाता है।

चुनाव आयोग से सख्त कार्रवाई की मांग: जांच और हस्तक्षेप की अपील

इन गंभीर आरोपों के साथ शुभेंदु अधिकारी ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को पत्र लिखकर तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि ड्यूटी पर तैनात सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जाएं कि वे किसी भी बाहरी संगठन या एसोसिएशन के साथ अपनी जानकारी साझा न करें। इसके साथ ही, उन्होंने उन सभी संगठनों की गहन जांच की मांग की है जो वर्तमान में अधिकारियों की गोपनीय सूची तैयार कर रहे हैं। बीजेपी नेता ने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो 4 मई को होने वाली मतगणना के परिणाम निष्पक्ष नहीं रह पाएंगे।

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