SC Students Protest : दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र आंदोलन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने अगले चरण की रणनीति तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। संगठन की दो दिवसीय कोर टीम की बैठक बुधवार से महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में संस्थापक अभिजीत दिपके के आवास पर आयोजित की गई। इस बैठक में संगठन के संस्थापक, राष्ट्रीय प्रवक्ता और कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य हालिया छात्र आंदोलनों की समीक्षा करना और आने वाले समय में संगठन की दिशा तय करना बताया गया है।
प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करने पर रहेगा फोकस
बैठक शुरू होने से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए अभिजीत दिपके ने संगठन की प्राथमिकताओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फिलहाल सीजेपी किसी राजनीतिक दल के रूप में काम करने की योजना नहीं बना रही है। उनका कहना था कि संगठन का मुख्य उद्देश्य सरकार पर युवाओं, छात्रों, शिक्षा और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर प्रभावी दबाव बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां भी छात्रों को संगठन की आवश्यकता होगी, वहां सीजेपी उनके समर्थन में खड़ी दिखाई देगी।
आगे की रणनीति पर होगा विस्तृत विचार-विमर्श
अभिजीत दिपके ने बताया कि दो दिवसीय बैठक में संगठन के भविष्य के रोडमैप पर गहन चर्चा की जाएगी। इसमें यह तय किया जाएगा कि आने वाले समय में सीजेपी किस प्रकार अपने अभियानों को आगे बढ़ाएगी और युवाओं से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का ध्यान शिक्षा, रोजगार और छात्रों की समस्याओं की ओर आकर्षित करने के लिए विभिन्न रणनीतियों पर विचार किया जाएगा। बैठक के समापन के बाद गुरुवार दोपहर 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लिए गए फैसलों की जानकारी साझा की जाएगी।
कई राष्ट्रीय मुद्दों पर होगी चर्चा
दिपके के अनुसार बैठक में केवल छात्र आंदोलन ही नहीं, बल्कि कई अन्य समकालीन विषयों पर भी विचार किया जाएगा। इनमें एथेनॉल मिश्रित ईंधन (Ethanol Blended Fuel), बढ़ती बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, मीडिया की भूमिका तथा न्यायपालिका जैसी संस्थाओं में जनता के घटते भरोसे जैसे मुद्दे शामिल हैं। संगठन इन विषयों पर अपनी आगे की नीति और अभियान की दिशा तय करेगा, ताकि व्यापक स्तर पर जनसमर्थन जुटाया जा सके।
झारखंड के आंदोलनरत छात्रों को दिया समर्थन
सीजेपी ने झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन का भी ऐलान किया है। अभिजीत दिपके ने कहा कि संगठन के कार्यकर्ता पहले से ही वहां के छात्र नेताओं के संपर्क में हैं। यदि आवश्यकता पड़ी तो सीजेपी के सदस्य आंदोलन में भी भाग लेंगे। उन्होंने दोहराया कि संगठन का उद्देश्य छात्रों की आवाज को मजबूत करना है और जहां भी युवाओं को सहयोग की जरूरत होगी, सीजेपी उनके साथ खड़ी रहेगी।
सोनम वांगचुक को बताया संगठन का मार्गदर्शक
अभिजीत दिपके ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का उल्लेख करते हुए कहा कि वे आगे भी संगठन का मार्गदर्शन करते रहेंगे। उन्होंने बताया कि सीजेपी लगातार वांगचुक के संपर्क में है और समय-समय पर उनसे सलाह लेती रहती है। दिपके के अनुसार संगठन युवाओं से जुड़े मुद्दों पर उनके अनुभव और सुझावों का लाभ आगे भी उठाता रहेगा।
राजनीतिक पार्टी बनाने से किया इनकार
दिपके ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में सीजेपी का उद्देश्य राजनीतिक दल बनना नहीं है। उनका कहना था कि संगठन स्वयं को एक जनदबाव समूह (प्रेशर ग्रुप) के रूप में विकसित करना चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की कई संस्थाओं में आम लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है और ऐसे माहौल में मजबूत जनआंदोलन की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान जंतर-मंतर पर हुई हिंसा बाहरी तत्वों की घुसपैठ और सुरक्षा व्यवस्था की कथित विफलता के कारण हुई थी।
देशभर में शुरू होगा ‘नेशनवाइड लिसनिंग टूर’
संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि रणनीतिक बैठक समाप्त होने के बाद सीजेपी देशभर में ‘Nationwide Listening Tour’ शुरू करेगी। इस अभियान के तहत विभिन्न राज्यों में युवाओं और छात्रों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा आंदोलन के दौरान अलग-अलग राज्यों में दर्ज मामलों का सामना कर रहे छात्रों की सहायता के लिए संगठन ने लीगल डिफेंस फंड भी बनाया है। सीजेपी का कहना है कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं और समाज के सहयोग से जरूरतमंद छात्रों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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